पंजाब मंडी बोर्ड ने स्थापित किए विकास के नए कीर्तिमान : हरचंद सिंह बरसट, पंजाब मंडी बोर्ड चेयरमैन
गांव ददहेड़ा की पंचायत ने मंडी बनाने के लिए 18 एकड़ जमीन दान में दी; 664 मंडियों में 197 करोड़ रुपये की लागत से बने कवर शैड
चंडीगढ़: पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट की अध्यक्षता में आज किसान भवन, चंडीगढ़ में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक हुई। बैठक के दौरान मंडी बोर्ड से संबंधित विभिन्न एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर महत्वपूर्ण एजेंडों को पास किया गया और जल्द से जल्द अमली-जामा पहनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पत्रकार वार्ता के दौरान स. हरचंद सिंह बरसट ने पिछले चार वर्षों में मंडी बोर्ड द्वारा विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के सुधार में हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों का विवरण साझा किया। चेयरमैन ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंडी बोर्ड किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम जनता की सुविधा के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
इस दौरान चेयरमैन स. बरसट ने विशेष तौर पर जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड को विधानसभा क्षेत्र समाना के गांव ददहेड़ा की पंचायत द्वारा 18 एकड़ जमीन फ्री ऑफ कॉस्ट दी गई है, ताकि वहां मंडी बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह मंडी इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में मील पत्थर साबित होगी और इलाके में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस अवसर पर स. बरसट द्वारा गांव ददहेड़ा के सरपंच गुरजीत सिंह, पंच तोती, गुरप्रीत सिंह, ज्ञान दास, गोबिंद सिंह, गुरबख्श सिंह और सुशीला रानी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसी तरह हलका समाना के गांव मेहमदपुर में ग्राम पंचायत द्वारा फ्री ऑफ कॉस्ट दी गई 19 एकड़ 6 कनाल 13 मरले जमीन पर सब-यार्ड बनाया गया है, जिसे आलू मंडी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से 44,597 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों की मरम्मत, मॉडर्नलाइजेशन और अपग्रेडेशन का काम लगभग 13,339.01 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके साथ ही कीमती जानों को बचाने के लिए 13,865 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों पर करीब 132.65 करोड़ रुपये की लागत से रोड सेफ्टी प्रोविज़न लगाए गए हैं। राज्य के गांवों की 280 किलोमीटर लंबी फिरनियों को 235 करोड़ रुपये की लागत से सी.सी. (सीमेंट और कंक्रीट) के साथ मॉडर्नलाइजेशन करने का काम पूरा किया जा चुका है। राज्य की लिंक सड़कों पर स्थित 46 तंग और डैमेज पुलों को 20 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान
पंजाब राज्य की 664 मंडियों में 197 करोड़ रुपये की लागत से कवर शैड बनाए गए हैं और 36 मंडियों में लगभग 24.40 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 455.84 करोड़ रुपये की लागत से राज्य की विभिन्न मंडियों की आंतरिक सड़कों, फड़ और शेडों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए बुढलाडा में लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 51.01 एकड़ में और अरनीवाला में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ जमीन पर नई अनाज मंडियां स्थापित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक किसानों को लगभग 1 करोड़ जे-फॉर्म व्हाट्सएप और डिजिलॉकर के माध्यम से भेजे जा चुके हैं, जिसके लिए पंजाब मंडी बोर्ड को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इसके अलावा तरस के आधार पर 37 पारिवारिक सदस्यों को नौकरियां दी गई हैं, जबकि सीधी भर्ती के माध्यम से 42 जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति की गई है और पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन से 39 क्लर्कों को मंडी बोर्ड में मर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में मंडी मजदूरों की मजदूरी में 10 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई।
स. बरसट ने बताया कि पंजाब की मंडियों में खाली पड़े प्लॉटों की बोली करवाई जा रही है और वर्ष 2022 से अब तक ई-ऑक्शन के माध्यम से विभिन्न मंडियों में 630 करोड़ रुपये के 1,661 प्लॉट बेचे गए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 के दौरान मूंगी की एम.एस.पी. पर सरकारी खरीद शुरू की गई थी और खरीद सीजन 2025 के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों में मक्की की खरीद भी एम.एस.पी. पर शुरू की गई है।
पंजाब की मंडियों में लोगों की सुविधाओं और मंडी बोर्ड की आमदन में वृद्धि करने के लिए विशेष स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत मार्केट कमेटी राजपुरा, पटियाला, जालंधर सिटी, महितपुर, भगतांवाला, मानसा, बोहा, भीखी और तपा में ए.टी.एम. लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही लुधियाना और संगरूर में विभिन्न स्थानों पर विज्ञापनों के लिए 12 यूनिपोल लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से राज्य भर की मंडियों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बहुत ही कम रेट पर किराए पर दिया जाता है, जबकि बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए ऑफ-सीजन के दौरान मंडियों के कवर शैडों में इनडोर गेम्स की ट्रेनिंग दी जाती है। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा राज्य के पर्यावरण की शुद्धता के लिए शहीद भगत सिंह हरियावल लहर के तहतराज्य पिछले चार वर्षों में अब तक लगभग 1,21,299 पौधे लगाए जा चुके हैं और भविष्य में भी इसी तरह से पौधे लगाए जाएंगे। चेयरमैन स. सिंह बरसट ने दोहराया कि पंजाब सरकार और पंजाब मंडी बोर्ड राज्य के किसानों, मजदूरों, आढ़तियों और आम जनता की सुविधा के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है और आने वाले समय में विकास कार्यों को और अधिक गति के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। (हरमिंदर नागपाल की रिपोर्ट )