चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया द्वारा चंडीगढ़ को नशा मुक्त करने के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन….
..... लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
राज्यपाल कटारिया ने सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम ‘ की पहली वर्षगांठ पर प्रमुख पत्रकारों, समाज सेवियों, शिक्षाविदों और चिकित्सकों को भी सम्मानित किया
चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल और यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन को शहर से नशों का पूर्ण खात्मा करने के लिए 30 सितंबर तक का समय (डेडलाइन) दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि
के बाद यदि किसी भी इलाके में नशे की बिक्री होती पाई गई, तो संबंधित एस.एच.ओ. (SHO) और फील्ड स्टाफ के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
यह राज्यपाल ने चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित लॉ ऑडिटोरियम में ‘द सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम’ की पहली वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए किया।
मुख्य अभियान और राज्यपाल के प्रमुख निर्देश: अधिकारियों और तस्करों की सांठगांठ तोड़ना: राज्यपाल ने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के बिना कोई भी गैर-कानूनी धंधा नहीं चल सकता। उन्होंने इस मिलीभगत को हर हाल में तोड़ने का संकल्प दोहराया।
गुप्त टीमों के माध्यम से निगरानी: गुप्त सूचनादाता और राज्यपाल की अपनी स्वतंत्र टीमें फील्ड में काम करेंगी ताकि तस्करों और दोषी अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा जा सके।
सामाजिक भागीदारी: उन्होंने कहा कि नशा खत्म करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। पंजाबियों की ऐतिहासिक कुर्बानियों और आपसी भाईचारे का हवाला देते हुए उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
मॉडल सिटी, शिक्षा और रोजगार: चंडीगढ़ को शिक्षा और खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नशों से मुक्त हो रहे युवाओं को खेलों और योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ा जाएगा।
जनता दरबार: लोगों की समस्याओं के निपटारे के लिए राज्यपाल ने अपने दरवाजे खुले रखने और प्रत्येक बुधवार ‘जनता दरबार’ लगाने की बात दोहराई।
पत्रकारिता की भूमिका और रमेश विनायक के विचार: राज्यपाल ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि जो काम तलवार नहीं कर सकती, वह पत्रकार की कलम कर सकती है, शर्त यह है कि कलम निष्पक्ष और सच्ची हो।
हिंदुस्तान टाइम्स के कार्यकारी संपादक रमेश विनायक ने अपने विचार रखते हुए कहा: प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता: सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और राजनीतिक दबाव के बावजूद आज भी समाज में प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता सबसे अधिक है और यह कभी समाप्त नहीं हो सकती।
मीडिया की स्वतंत्रता: राजनीतिक शक्तियों द्वारा मीडिया को दबाने के प्रयासों के बावजूद पत्रकार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों को एकजुट होने का आह्वान किया।
इस
के अलावा वरिष्ठ पत्रकार जगतार सिंह, हरीश मानव और अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
फोरम की मांगों पर राज्यपाल का रुख : स्वास्थ्य बीमा: राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत देशवासियों को बीमा कवर मिल रहा है, लेकिन पत्रकारों के विशेष इमरजेंसी मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
एम.एच.ए. (MHA) के निर्देशों के कारण नई जमीन आवंटित नहीं हो सकती, लेकिन फोरम किसी खाली या अनुपयुक्त सरकारी इमारत की पहचान करके प्रस्ताव भेज सकता है।
सम्मानित की गईं शख्सियतें: समारोह के दौरान समाज सेवा, चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाली निम्नलिखित शख्सियतों को राज्यपाल द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल के अगुआ : प्रो. (डॉ.) रवनीत कौर – डायरेक्टर प्रिंसिपल, GMCH चंडीगढ़; प्रो. (डॉ.) यशपाल शर्मा – कार्डियोलॉजी विभाग, PGIMER; डॉ. रवि गुप्ता – चेयरमैन और विभाग प्रमुख (ऑर्थोपेडिक्स), पार्स अस्पताल पंचकुला,
प्रो. (डॉ.) हरशिंदर कौर – प्रोफेसर (पीडियाट्रिक सर्जरी), राजिंदरा अस्पताल पटियाला (लेखक एवं समाज सेविका), शिक्षा और विश्वविद्यालय के अगुआ. प्रो. डॉ. संजय कुमार – वाइस चांसलर, रयात बाहरा यूनिवर्सिटी, डॉ. जोरा सिंह – चांसलर, देश भगत यूनिवर्सिटी
प्रो. (डॉ.) संदीप सिंह – अध्यक्ष, देश भगत यूनिवर्सिटी अमेरिकाज़, सिटीजन अवेयरनेस ग्रुप के चेयरमैन एवं सीनियर जर्नलिस्ट् सुरेंद्र वर्मा |
समारोह के अंत में फोरम के पदाधिकारियों द्वारा केक काटा गया और प्रीतम रूपाल के नेतृत्व में बुजुर्गों द्वारा मवाई भांगड़े की रोचक प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर पैट्रन सुखदेव सिंह, अध्यक्ष जगतार सिंह, चेयरमैन ए.एस. पाराशर, महासचिव केवल भारती, कोषाध्यक्ष सुरिंदर सिंह ग्रोआ, उपाध्यक्ष पी.जे.एस. त्रेहन, सीनियर जर्नलिस्ट नितिन जैन सहित बड़ी संख्या में फोरम के सदस्य उपस्थित रहे| (हरमिंदर नागपाल की रिपोर्ट)