निर्माणाधीन विश्व के प्रथम मात-पिता मन्दिर के दो साल में पूरा होने की उम्मीद - संस्थापक ज्ञानचंद वालिया - News On Radar India

निर्माणाधीन विश्व के प्रथम मात-पिता मन्दिर के दो साल में पूरा होने की उम्मीद – संस्थापक ज्ञानचंद वालिया

10 अप्रैल को मंदिर में मात पिता पूजन दिवस मनाया जाएगा जहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ मुख्य अतिथि होंगे।             

302

चंडीगढ़: बनूड़-अंबाला मार्ग पर मोहाली जिले के गांव खल्लौर में विश्व के प्रथम और एकमात्र निर्माणाधीन मात पिता मन्दिर के एक-दो साल में पूरा होने की उम्मीद है । अब तक मंदिर निर्माण का आधा काम पूरा हो चुका है।
रविवार को निर्माणाधीन मंदिर में मीडिया से बात करते हुए मात पिता गोधाम महातीर्थ के संस्थापक गोचर दास ज्ञान चंद वालिया ने कहा कि यह दुनिया का एकमात्र पहला मंदिर है जहां कोई मूर्ति स्थापित नहीं की गई है। मंदिर में कोई मूर्ति स्थापित नहीं होने का कारण यह है कि इस मंदिर में पहुंचकर हम अपने माता-पिता को भगवान की तरह याद करते हैं और उनकी पूजा करते हैं।
अमरजीत बंसल,सूर्नेश सिंगला,दीपक मित्तल,कपिल वर्मा,संदीप व अन्य सदस्य भी इस अवसर पर मोज़ूद रहे।
ज्ञानचंद वालिया ने बताया कि मन्दिर विश्व का प्रथम और एकमात्र मंदिर होगा जिसमें किसी भगवान की मूर्ति नहीं होगी। आप इस मंदिर में अपने माँ बाप को लाए और उनकी पूजा करें अगर आपके माता पिता इस संसार में नहीं है तो उनकी स्मृति में आप उन्हें याद करें एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करें । इसके पीछे का मूल उद्देश्य यही है कि सम्पूर्ण विश्व से वृद्धा आश्रम,ओल्ड एज होम्स बंद हो जाए । सभी बच्चे अपने माता पिता के घर रहे अगर बच्चे अपनी नौकरी या काम से घर से बाहर भी रहते है तो उनका नियमित ध्यान रखें उनका आदर करे सत्कार करे, उन्हें प्यार दे, थोड़ा समय दे, मिल के न सही तो फोन पर ही नियमित संपर्क में रहे।
ज्ञानचंद वालिया ने कहा कि माता-पिता के बिना मानव जन्म और गौमाता के बिना मानव जीवन को स्वस्थ व समृद्ध रखना संभव नहीं है। मानव जीवन का आधार माता-पिता और सुपोषण करने वाली गौ माता है। अतीत में सम्पूर्ण मानव जाति के निरोगी व ख़ुश रहने का कारण गौ माता और माता-पिता की छत्रछाया ही मुख्य थे। क्योंकि पहले गौवंश की संख्याए मानव जनसंख्या से बहुत अधिक होने के कारण हम गौ आधारित भूमि से उपजा अन्न ग्रहण करके ही निरोगी जीवन जीते थे।
आजकल अधिकतर युवा पीढ़ी माता-पिता और गौ माता के आशीर्वाद से वंचित है और मानसिक तनाव व अन्याय भरा जीवन जीने को मजबूर है। मात-पिता गोधाम का एकमात्र उद्देश्य माँ-बाप का सत्कार और गौ माता से प्यार की भावना को जन जन तक पहुंचाना है।
इस बीच 10 अप्रैल को मंदिर में मात पिता पूजन दिवस मनाया जाएगा जहां पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ मुख्य अतिथि होंगे।                                                                                                                                                                                               ( गांव खल्लौर से रोशन लाल शर्मा की रिपोर्ट)

 

Advertisements
You might also like

Comments are closed.

Join WhatsApp Group