मल्टी स्किल डिवैल्पमैंट सैंटरों के सही प्रयोग से नौजवानों के लिए रोजग़ार के नये रास्ते खोले जाएँ: अमन अरोड़ा - News On Radar India

मल्टी स्किल डिवैल्पमैंट सैंटरों के सही प्रयोग से नौजवानों के लिए रोजग़ार के नये रास्ते खोले जाएँ: अमन अरोड़ा

कैबिनेट मंत्री ने दिए रोजग़ार सृजन विभाग को निर्देश कैबिनेट मंत्री द्वारा स्किल सैंटरों के सर्वोत्त्म प्रदर्शन को सुनिश्चित बनाने के लिए सैक्टर स्किल कौंसिलों, प्रशिक्षण पार्टनर्स, इंडस्ट्री ऐसोसीएशनों के प्रतिनिधियों और सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ किया विचार-विमर्श

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Screenshot 2024 02 07 215300चंडीगढ़ पंजाब के रोजग़ार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मल्टी स्किल डिवैल्पमैंट सैंटरों (एम.एस.डी.सीज.) का सही प्रयोग करके इनमें अधिक से अधिक नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे नौजवानों के कौशल को तराश कर उनके लिए रोजग़ार के नए रास्ते खोले जा सकें। यहाँ पंजाब भवन में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने सैक्टर स्किल कौंसिलों, प्रशिक्षण पार्टनर्स, इंडस्ट्री ऐसोसीएशनों के प्रतिनिधियों और सम्बन्धित राज्यों के विभागों के अधिकारियों से सुझाव लिए, जिससे इन केन्द्रों के सर्वोत्त्म प्रदर्शन को सुनिश्चित बनाया जा सके।

बठिंडा, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और होशियारपुर में स्थित पाँच एम.एस.डी.सीज. के सर्वोत्त्म प्रयोग को सुनिश्चित बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि एम.एस.डी.सीज. में उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार कोर्स चलाए जाने चाहिएँ। इसके अलावा राज्य में तीन हैल्थ स्किल डिवैल्पमैंट सैंटर और 198 रुरल स्किल सैंटर हैं।

उन्होंने अधिकारियों को औद्योगिक आवश्यकताओं और कुशल जनशक्ति के दरमियान अंतर को पूरा करने पर ध्यान देने के लिए भी कहा। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार नौजवानों की रोजग़ार हासिल करने की क्षमता को और अधिक बढ़ाने के साथ-साथ कॉलेज, आई.टी.आई. और पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों को लाईफ़ और सॉफ्ट स्किल से लैस करने के लिए स्किल ट्रेनिंग स्कीम शुरू करने जा रही है।

प्रमुख सचिव रोजग़ार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण श्रीमती जसप्रीत तलवाड़, डायरैक्टर श्री अमृत सिंह, डिप्टी कमिश्नर बठिंडा जसप्रीत सिंह के अलावा उद्योग, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभागों के अधिकारी और लैदर सैक्टर स्किल कौंसिल, टूरिज्म एंड हॉसपिटैलिटी स्किल कौंसिल, ईलेक्ट्रोनिक्स सैक्टर स्किल्स कौंसिल ऑफ इंडिया, वॉटर मैनेजमेंट एंड पलम्बिंग स्किल कौंसिल, मैनेजमेंट एंड ऐंटरप्रीन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल कौंसिल (एम.ई.पी.एस.सी.), रबड़, केमिकल एंड पैट्रोकैमिकल स्किल डिवैल्पमैंट कौंसिल, कैपिटल गुड्ज़ एंड स्ट्रैटजिक स्किल कौंसिल, बी.एफ.एस.आई. सेक्टर स्किल कौंसिल ऑफ इंडिया, आई.टी.-आई.टी.ई.एस. सेक्टर स्किल कौंसिल, जालंधर फोकल प्वाइंट एक्स्टेंशन इंडस्टरियल एसोसिएशन, स्पोट्र्स गुड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, खेल भारती और जालंधर एम.एस.एम.ई. एसोसिएशन के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित थे।

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