आशा भोसले @92: संघर्षों से सुरों की मलिका बनीं, घरेलू हिंसा से रेस्तरां बिज़नेस तक का सफर
भागकर शादी, कठिन रिश्ते और आत्महत्या के विचारों से जूझीं; आशा भोसले ने सिंगिंग के साथ रेस्टोरेंट बिज़नेस में भी रचा इतिहास….
मुंबई: भारत की स्वर कोकिला आशा भोसले ने रविवार को अपना 92वां जन्मदिन मनाया। उनके जीवन का सफर केवल संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संघर्षों, कठिन रिश्तों और साहस की अनकही कहानियों से भी भरा रहा है।
भागकर शादी और कठिन रिश्ता
कम उम्र में आशा भोसले ने अपने से कहीं बड़े गणपतराव भोसले से भागकर शादी की। लेकिन यह रिश्ता खुशियों भरा नहीं था। उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा और कई बार आत्महत्या के विचार तक आ गए। यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय रहा।
संगीत में चमकी पहचान
संघर्षों के बावजूद आशा भोसले ने अपने सुरों से बॉलीवुड को कई अमर गीत दिए। मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार और लता मंगेशकर के साथ उनकी जोड़ी ने हिंदी फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने रोमांटिक, ग़ज़ल, पॉप, डांस नंबर और भक्ति गीत जैसे हर शैली में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा।
रेस्टोरेंट बिज़नेस में भी सफलता
गायन के अलावा आशा भोसले ने रेस्टोरेंट बिज़नेस में भी हाथ आज़माया। दुबई और कतर में उनके नाम से “Asha’s” रेस्टोरेंट मशहूर हैं। यहां भारतीय व्यंजन उनकी पसंद और स्वाद के अनुसार परोसे जाते हैं। इस तरह उन्होंने खुद को केवल गायिका ही नहीं, बल्कि सफल बिज़नेसवुमन के रूप में भी साबित किया।
आज भी प्रेरणा
92 साल की उम्र में भी आशा भोसले संगीत और जीवन दोनों में सक्रिय हैं। उनका संघर्ष और कामयाबी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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