पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस अश्वनी शर्मा की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने जो विवाद खड़ा किया है.... - News On Radar India

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस अश्वनी शर्मा की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने जो विवाद खड़ा किया है….

...., वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से अनावश्यक है-सत्य पाल जैन

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चंडीगढ़  (हरमिंदर नागपाल‌ ):  यह नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति ने की है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 (1) के तहत सर्वोच्च संवैधानिक अधिकारी हैं।
जजों की नियुक्ति के लिए एक तय प्रक्रिया है जिसे ‘मेमोरेंडम ऑफ़ प्रोसीजर’ (MOP) कहा जाता है। इस नियुक्ति से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है। सभी तय प्रक्रियाओं और ज़रूरी प्रोटोकॉल का पालन किया गया है और कानून के किसी भी प्रावधान का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6-8-2026 को पहले लॉट में महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब और हरियाणा के चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए और दूसरे लॉट में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के लिए नामों की सिफारिश की थी। इन प्रस्तावों पर सभी संबंधित राज्य सरकारों की राय मांगी गई थी।
पंजाब को छोड़कर सभी राज्य सरकारों ने एक हफ़्ते के भीतर अपनी राय भेज दी और सभी नियुक्तियां समय पर कर दी गईं।
असल में, MOP के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा दोनों सरकारों को इस प्रस्ताव के बारे में बताया गया था और 10-8-2026 को उनकी राय मांगी गई थी। पंजाब और हरियाणा, दोनों राज्यों के गवर्नरों ने प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी और हरियाणा सरकार ने भी 12-8-2026 और 13-8-2026 को प्रस्ताव के पक्ष में अपनी राय भेज दी।
पंजाब सरकार के पास अपनी राय भेजने के लिए पर्याप्त समय था – यानी एक या दो हफ़्ते का उचित समय। लेकिन उन्होंने अब तक कोई राय नहीं भेजी है। वैसे भी, राज्य सरकारों की राय बाध्यकारी नहीं होती है, क्योंकि सिर्फ़ राज्य सरकारों की राय लेना ज़रूरी होता है और इस मामले में राज्य सरकारों के पास कोई ‘वीटो’ पावर नहीं होती है।
किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने और गैर-राजनीतिक मुद्दे का राजनीतिकरण करने के मकसद से किसी प्रस्ताव को अनिश्चित काल तक रोके रखने का अधिकार नहीं है।                                                                                                                                                                            ………….सत्य पाल जैन, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, चंडीगढ़।

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