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वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि कहर बरपा रही है

हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य विषेषज्ञ *डॉ नरेश पुरोहित, सलाहकार, राष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं वायु प्रदूषण के संस्थान, मध्य प्रदेश में बढ़ते संक्रमण एवं वायरल बुखार के कारण और समाधान पर सुझाव के साथ

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भोपाल: राष्ट्रीय संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार डॉ नरेश पुरोहित ने कहा कि भोपाल में बदलते मौसम के साथ वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि कहर बरपा रही है। प्रदेश की राजधानी में इस समय चार अलग-अलग वायरस संक्रमण फैला रहे हैं ।शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों के दौरान मरीजों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
इस विषय में महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ पुरोहित ने बताया कि वर्तमान में एच1एन1,  इन्फ्लुएंजा , एडेनो वायरस,  राइनो वायरस और एंट्रो वायरस सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, जिनकी वजह से बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी-दस्त और गले मे खराश जैसे लक्षण वाले मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं।

जाने-माने शोधार्थी डॉ पुरोहित ने बताया कि एच1एन1 इन्फ्लुएंजा में तेज बुखार, सूखी खांसी और शरीर में दर्द की शिकायत होती है। एडेनो वायरस से बुखार के साथ आंखें लाल होना और उल्टी की समस्या सामने आ सकती है। राइनो वायरस सामान्य सर्दी-जुकाम और गले में खराश का कारण बन रहा है, जबकि एंट्रो वायरस विशेष रूप से बच्चों में तेज बुखार, उल्टी और दस्त की समस्या बढ़ा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि वायरल संक्रमण और एच1एन1 के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। इसलिए किसी भी मरीज में एच1एन 1 की पुष्टि डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच के बाद ही संभव है।

उन्होने कहा कि भोपाल में एच1एन 1 के मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि इंदौर में स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग को सावधान होने की जरूरत है ।

उन्होने बताया कि यदि बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते, तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, प्लेटलेट्स कम होने के संकेत या अत्यधिक कमजोरी के लक्षण महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करे और तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

उन्होने स्पष्ट किया कि सामान्य वायरल संक्रमण अधिकतर मामलों में तीन से पांच दिनों के भीतर ठीक हो जाता है। लेकिन यदि लगातार तीन दिन दवा लेने के बाद भी तेज बुखार बना रहे, तापमान 101 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक हो या एक सप्ताह तक बुखार ठीक न हो तो तुरंत अस्पताल जाकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए।

उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, आराम करने, हल्का भोजन लेने और बुखार के दौरान स्वयं दवा लेने से बचने की सलाह दी है।
उन्होने लोगों से घर और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की भी अपील की है, ताकि वायरल संक्रमण के साथ-साथ डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा भी कम किया जा सके।


*डॉ नरेश पुरोहित- एमडी, डीएनबी , डीआई एच , एमएचए, एमआरसीपी (यूके) एक महामारी रोग विशेषज्ञ हैं। वे भारत के राष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार हैं। मध्य प्रदेश एवं दूसरे प्रदेशों की सरकारी संस्थाओं में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम , राष्ट्रीय पर्यावरण एवं वायु प्रदूषण के संस्थान के सलाहकार हैं। एसोसिएशन ऑफ किडनी केयर स्ट्डीज एवं हॉस्पिटल प्रबंधन एसोसिएशन के भी सलाहकार हैं।

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