चंडीगढ़ में शुरू हुआ फ्लोटिंग सोलर प्लांट
पानी और कार्बन उत्सर्जन की बचत में करेगा अहम योगदान……
Chandigarh : चंडीगढ़ में नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट शुरू कर दिया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस अत्याधुनिक प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 477.5 मिलियन लीटर पानी की बचत होगी और साथ ही 2415 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
इस फ्लोटिंग सोलर प्लांट को सुखना लेक के पास स्थित एक जलाशय पर स्थापित किया गया है। यह प्लांट लगभग 2 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता रखता है, जो चंडीगढ़ की विभिन्न सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को ऊर्जा प्रदान करेगा। परियोजना को चंडीगढ़ प्रशासन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लोटिंग सोलर प्लांट न केवल बिजली उत्पन्न करता है, बल्कि जलाशयों के पानी को वाष्पीकरण से भी बचाता है। चूंकि सोलर पैनल पानी की सतह पर तैरते हैं, इसलिए वे सूर्य की किरणों को सीधे जलाशय पर पड़ने से रोकते हैं, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है।
इस परियोजना से चंडीगढ़ को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में और मजबूती मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की और परियोजनाओं को विकसित करने की योजना है, जिससे शहर को ‘ग्रीन सिटी’ बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
स्थानीय पर्यावरणविदों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित भविष्य देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
चंडीगढ़ प्रशासन का यह कदम अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जो पानी की कमी और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं।
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