हरियाणा के स्कूलों में मिड-डे मील मेन्यू में बदलाव

हरियाणा के स्कूलों में बदला मिड-डे मेन्यू

अब छह दिन मिलेगा फ्लेवर्ड दूध और पिन्नी…..

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हरियाणा सरकार ने बच्चों के पोषण और सेहत को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत अब बच्चों को सप्ताह में छह दिन 200 मिलीलीटर स्किम्ड फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही पौष्टिकता से भरपूर पारंपरिक मिठाई “पिन्नी” भी बच्चों को दी जाएगी, जो विशेष रूप से सर्दियों में उपयोगी होगी।

पहले स्कूलों में यह फ्लेवर्ड दूध सप्ताह में केवल तीन दिन मिलता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर छह दिन कर दिया गया है। यह फैसला बच्चों में कुपोषण की स्थिति को सुधारने और उनकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से यह संशोधित योजना लागू की जा रही है। इसमें यह भी सुनिश्चित किया गया है कि दूध का स्वाद बच्चों को पसंद आए, जिससे वे इसे पीने में दिलचस्पी दिखाएं। स्किम्ड दूध में वसा की मात्रा कम होती है लेकिन इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन भरपूर होते हैं, जो बच्चों की हड्डियों और संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं।

पिन्नी, जो देसी घी, आटा, गुड़ और सूखे मेवों से बनती है, बच्चों को ऊर्जा का अच्छा स्रोत प्रदान करेगी। ग्रामीण परिवेश में पिन्नी न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि इसमें आयरन, फाइबर और विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है। यह बच्चों के लिए एक संपूर्ण पोषण आहार बन जाती है। यह बदलाव सिर्फ एक खाद्य योजना नहीं, बल्कि सरकार की दूरदर्शिता का परिचायक है। शिक्षा के साथ-साथ पोषण पर दिया गया यह जोर दिखाता है कि सरकार बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना चाहती है।

इस योजना का सीधा लाभ उन लाखों बच्चों को मिलेगा जो ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और जिनके घरों में रोज़ पोषक आहार मिल पाना मुश्किल होता है। माता-पिता और अभिभावकों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा बल्कि स्कूल जाने की उनकी रुचि भी बढ़ेगी। स्कूल शिक्षकों का कहना है कि पहले कई बच्चे दूध को अधूरा छोड़ देते थे, लेकिन अब फ्लेवर मिलाने से वे खुशी-खुशी पूरा गिलास पी रहे हैं। वहीं, पिन्नी जैसी देसी मिठाई उन्हें घर जैसा स्वाद और ऊर्जा दे रही है।

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