डेंगू-मलेरिया से बचाव को सरकार की नई स्ट्रेटजी..
सभी जिलों में बनेगी कोऑर्डिनेशन कमेटी, मेडिकल छात्र बनेंगे मास्टर ट्रेनर..
चंडीगढ़ : बरसात के मौसम के साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले से तैयारी करते हुए एक सख्त और संगठित रणनीति बनाई है। इस नई योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में कोऑर्डिनेशन कमेटियों का गठन किया जाएगा, जो कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम, जागरूकता और इलाज की दिशा में काम करेंगी।
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में तैयार किया जाएगा। ये छात्र न केवल अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेंगे बल्कि स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर फील्ड में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को साफ-सफाई, पानी जमा न होने देना, मच्छरों से बचाव के उपाय और समय पर इलाज के प्रति सचेत करना होगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस बार उनकी रणनीति सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम और जागरूकता पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। डोर-टू-डोर विजिट, पंपलेट वितरण, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है।
हर जिले में बनी कोऑर्डिनेशन कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और स्वयंसेवी संगठनों को भी जोड़ा जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर सामूहिक प्रयास हो सके। साथ ही, यह कमेटियां हर सप्ताह की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजेंगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यदि समय रहते कदम उठाए जाएं और लोगों को सही जानकारी दी जाए तो डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस बार अभियान को और अधिक संगठित और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
इस नई पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य में डेंगू और मलेरिया के मामलों में भारी कमी आएगी और आम जनता को इस संकट से राहत मिलेगी।
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