चंडीगढ़ में कैमरे से कटेगा चालान
अब ट्रैफिक पुलिस गाड़ियां नहीं रोकेगी, रिश्वतखोरी पर कड़ी कार्रवाई…..
चंडीगढ़ में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ट्रैफिक पुलिस सड़क पर गाड़ियों को रोककर चालान नहीं काटेगी। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अब कैमरों के जरिए की जाएगी। इसका मतलब है कि बिना वजह गाड़ी रोककर पुलिस द्वारा चालान काटने या बहस करने की स्थिति अब नहीं बनेगी।
यह कदम ट्रैफिक नियमों को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। शहर में पहले से ही कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लगाए जा चुके हैं। अब इन्हीं कैमरों के माध्यम से स्पीडिंग, रेड लाइट जंप, नो पार्किंग और अन्य नियमों के उल्लंघन पर चालान स्वतः जनरेट होंगे और संबंधित वाहन मालिक को भेजे जाएंगे।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सड़क पर बिना कारण वाहनों को रोकने की प्रथा बंद होगी और गाड़ियों से छेड़छाड़ या स्थानीय-बाहरी वाहन भेदभाव की घटनाओं में भी कमी आएगी। बाहरी राज्यों की नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को पहले बिना किसी वजह के रोका जाता था, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब इस नई प्रणाली में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।
इस बीच, रिश्वत लेने के मामले में एक ट्रैफिक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने एक वाहन चालक से अवैध रूप से पैसे लिए थे। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल को निलंबित कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस निर्णय को शहरवासियों ने सराहा है। कई लोगों ने कहा कि कैमरे से चालान की प्रक्रिया सही है क्योंकि इसमें कोई व्यक्ति विशेष की मनमानी नहीं चलेगी। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नियमों की जानकारी देना भी जरूरी है ताकि किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलत चालान न कटे।
चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था को और स्मार्ट और तकनीक-आधारित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का भी सहारा लिया जाएगा। साथ ही नागरिकों को SMS और WhatsApp के माध्यम से चालान की जानकारी भेजने की योजना भी बनाई जा रही है।
यह कदम न केवल शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, बल्कि पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा। एक डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की ओर बढ़ता यह शहर देश के अन्य हिस्सों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन सकता है।
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