पंजाब में करोड़ों का धान घोटाला भगोड़े पूर्व मैनेजर ने किया सरेंडर
पूर्व मंत्री आशु भी आरोपी
लुधियाना (पंजाब) : पंजाब में करोड़ों रुपये के धान घोटाले में सोमवार को एक महत्वपूर्ण विकास हुआ। पनसप के भगोड़े पूर्व जिला मैनेजर, जगनदीप सिंह ढिल्लों, ने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी रविंदरपाल सिंह संधू के अनुसार, जगनदीप धान की ढुलाई से संबंधित टेंडर घोटाले में वांछित था और काफी समय से फरार था। इस घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और अन्य आरोपी भी शामिल हैं।
जगनदीप सिंह ढिल्लों का सरेंडर और गिरफ्तारी:
सोमवार को भगोड़े घोषित किए गए पनसप के पूर्व जिला मैनेजर जगनदीप सिंह ढिल्लों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया। ढिल्लों पर 2020-21 में टेंडर प्रक्रिया में घोटाले का आरोप है, जहां उन्होंने रिश्वत के बदले ठेकेदारों को अनुचित तरीके से टेंडर आवंटित किए थे।
पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु पर भी आरोप:
विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। एसएसपी संधू ने बताया कि जगनदीप ने घोटाले में शामिल ठेकेदारों के टेंडर रद्द करने में विफलता दिखाई थी और उन्हें अवैध रूप से टेंडर दिलवाए थे। इसके अलावा, उसने राज्य की कस्टम मिलिंग नीति का उल्लंघन करते हुए आढ़तियों के साथ मिलकर धान को उनके रिश्तेदारों के शैलरों में स्थानांतरित किया था।
अदालत और विजिलेंस की कार्रवाई:
जगनदीप सिंह ने सितंबर 2023 में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली थी, लेकिन जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद से वह फरार था। विजिलेंस की कई कोशिशों के बाद आखिरकार उन्होंने सरेंडर किया। उनकी गिरफ्तारी से घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की संभावना है।
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