क्या स्टार्टअप्स पर टिप्पणी से घिरे पीयूष गोयल..
Zepto के सीईओ ने केंद्रीय मंत्री को करारा जवाब दिया, बोले- भारत के युवाओं की मेहनत को न करें नजरअंदाज…
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बीते दिनों अपने एक बयान को लेकर स्टार्टअप समुदाय के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए यह कहा कि “आजकल तो हर कोई बस डिलिवरी ऐप बना रहा है।” उनके इस बयान को कई युवा उद्यमियों और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लोगों ने नकारात्मक रूप में लिया है। खासकर Zepto के सीईओ और सह-संस्थापक आदित्य सारा भवनानी ने इस पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।
Zepto, जो कि एक तेजी से उभरता हुआ डिलिवरी स्टार्टअप है, उसके सीईओ ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर पीयूष गोयल के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग नई तकनीकों और नवाचारों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। ऐसे में इस प्रकार के बयान से उनका मनोबल टूट सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि “आज जो लोग डिलिवरी ऐप्स बना रहे हैं, वही करोड़ों लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं और देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को बेहतर बना रहे हैं।”
आदित्य का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कई अन्य स्टार्टअप फाउंडर्स और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने भी पीयूष गोयल की टिप्पणी पर असहमति जताई है। कुछ का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वह स्टार्टअप्स को प्रेरित करे, न कि उनके प्रयासों को हल्के में ले।
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत का स्टार्टअप ईकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। डिलिवरी, ई-कॉमर्स, फूड टेक, हेल्थ टेक और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में हजारों नए उद्यमी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। Zepto जैसी कंपनियां न केवल शहरी उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि देश में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा दे रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बयान आने वाले चुनावी माहौल में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। युवाओं और शहरी वर्ग में स्टार्टअप्स को लेकर गहरी रुचि है, और ऐसे में इस तरह की टिप्पणियां सरकार की स्टार्टअप फ्रेंडली छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक पीयूष गोयल की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। लेकिन इतना जरूर है कि स्टार्टअप कम्युनिटी अब अपनी आवाज बुलंद कर रही है और सरकार से अपेक्षा कर रही है कि वह उनके योगदान को सम्मान दे।
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