Migraine Control: दवाइयों से ज्यादा, ये आदतें हैं माइग्रेन के असली इलाज की
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Migraine Control: दवाइयों से ज्यादा, ये आदतें हैं माइग्रेन के असली इलाज की कुंजी

माइग्रेन को कंट्रोल करने के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली, डॉ. के.एस. आनंद से जानें अहम टिप्स...

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नई दिल्ली: आजकल की तेज़-रफ्तार जिंदगी में कामकाजी महिलाएं कई जिम्मेदारियां निभाती हैं, और जब माइग्रेन की समस्या हो तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सिरदर्द के अलावा माइग्रेन मतली, थकान, और रोशनी या आवाज से संवेदनशीलता जैसी समस्याएं भी उत्पन्न कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सही जीवनशैली और दवाइयों के साथ माइग्रेन को नियंत्रित किया जा सकता है।

माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव करें:

  1. सुबह की शुरुआत:
    दिन की शुरुआत आपकी पूरी ऊर्जा को निर्धारित करती है। सुबह तय समय पर उठने की आदत डालें और स्क्रीन से दूरी बनाए रखें। कुछ मिनट स्ट्रेचिंग और 10-15 मिनट योग या ध्यान करें। प्राणायाम, जैसे अनुलोम-विलोम और भ्रामरी माइग्रेन की तीव्रता को कम करने में मदद करते हैं।

  2. नाश्ता:
    खाली पेट रहना माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए पौष्टिक नाश्ते का सेवन करें, जैसे ओट्स, दलिया या मूंग दाल चीला। चाय, कॉफी और ऊर्जा ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ज्यादा कैफीन माइग्रेन को बढ़ा सकता है।

  3. स्क्रीन से दोस्ताना दूरी:
    यदि आपका काम स्क्रीन से जुड़ा है, तो हर 30 मिनट में 1-2 मिनट के लिए स्क्रीन से नजर हटाएं। पीठ सीधी रखें और स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखें।

  4. पानी और सुकून:
    पूरे दिन पानी पीने से डिहाइड्रेशन से बचाव होता है, जो माइग्रेन को बढ़ा सकता है। गहरी सांस लेने, टहलने, या पसंदीदा संगीत सुनने से तनाव कम होता है और माइग्रेन की तीव्रता भी घटती है।

  5. ट्रिगर पहचानें:
    माइग्रेन के ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, जैसे तेज रोशनी, तेज आवाज, भूख, मौसम में बदलाव या ज्यादा स्क्रीन टाइम। उन ट्रिगर्स को नोट करना माइग्रेन को नियंत्रित करने में मदद करता है।

  6. सबसे जरूरी नींद:
    माइग्रेन के मरीजों के लिए 7-8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं और कमरे का माहौल आरामदायक रखें।

  7. शाम का समय:
    दिन के अंत में हल्की वॉक, बागवानी या पेंटिंग जैसी शांत गतिविधियां करने से माइग्रेन को कम करने में मदद मिलती है।

  8. सही दिनचर्या और पौष्टिक आहार:
    डॉ. के.एस. आनंद, न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, कहते हैं कि माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए सही दिनचर्या, पौष्टिक आहार और पर्याप्त पानी का सेवन करना जरूरी है। वे यह भी कहते हैं कि दवाइयां केवल अस्थायी राहत देती हैं, जबकि एक अनुशासित जीवनशैली दीर्घकालिक राहत दे सकती है।

निष्कर्ष:
माइग्रेन एक जटिल समस्या हो सकती है, लेकिन सही दिनचर्या, स्वस्थ आहार, पर्याप्त नींद, और तनाव मुक्त जीवन इसे काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है।

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