IIMT में नमाज वीडियो पर बवाल, सस्पेंशन क्यों?
छात्र खालिद का दावा- न नमाज पढ़ी, न वीडियो बनाया….
मेरठ के IIMT विश्वविद्यालय में नमाज से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप छात्र खालिद पर लगा, जिसके चलते उसे विश्वविद्यालय से सस्पेंड कर दिया गया और बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया। हालांकि, खालिद ने दावा किया है कि उसने न तो नमाज पढ़ी थी और न ही वीडियो बनाया या साझा किया था, फिर भी उसे सजा दी गई।
मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर में खुले में नमाज अदा करते दिख रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए वीडियो को अनुशासनहीनता का मामला बताया और जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान खालिद का नाम सामने आया और विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
खालिद का कहना है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। उसने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह न तो उस वक्त वहां मौजूद था और न ही उसने वीडियो बनाया या शेयर किया। बावजूद इसके, प्रशासन ने उस पर कार्रवाई कर दी। खालिद ने कहा, “मुझे बिना किसी गलती के न केवल सस्पेंड किया गया बल्कि पुलिस ने भी गिरफ्तार कर लिया। मैंने न नमाज पढ़ी थी, न वीडियो बनाया था, फिर भी मुझे जेल भेज दिया गया।”
इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कुछ छात्र संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और खालिद के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने बिना पुख्ता सबूत के इतनी बड़ी कार्रवाई कर दी। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में धार्मिक गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती और अनुशासन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
पुलिस ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वे सोशल मीडिया पर फैले वीडियो की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। आईटी एक्सपर्ट्स की मदद से यह जांच की जा रही है कि वीडियो सबसे पहले किसने पोस्ट किया और इसमें शामिल लोगों की पहचान क्या है।
यह मामला राजनीतिक रूप भी ले सकता है, क्योंकि कुछ संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़कर देखा है, जबकि कुछ अन्य इसे अनुशासन और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन बता रहे हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है और खालिद के दावे सही साबित होते हैं या नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन का अगला कदम क्या होगा, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।
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