HSVP घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग केस
ईडी ने सुरजाखेड़ा समेत पांच आरोपियों पर दायर की चार्जशीट
हरियाणा में हुए बहुचर्चित HSVP (हरियाणा शाहरी विकास प्राधिकरण) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने सुरजाखेड़ा समेत पांच आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करते हुए विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में 225.51 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि के गबन का खुलासा किया गया है।
यह मामला उस समय का है जब HSVP को पहले हुडा (HUDA) के नाम से जाना जाता था। आरोप है कि आरोपियों ने बैंक खातों से अवैध तरीके से सरकारी धन की हेराफेरी की और इसे निजी खातों में ट्रांसफर कर मनी लॉन्ड्रिंग की। जांच में पता चला कि इस रकम का उपयोग विभिन्न संपत्तियों की खरीद, लग्जरी गाड़ियों और अन्य निजी खर्चों में किया गया।
ईडी ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी आपसी सांठगांठ से इस घोटाले को अंजाम दे रहे थे। फर्जी दस्तावेज, गलत पेमेंट ऑर्डर और फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए यह धन निकाला गया। इस घोटाले ने न केवल सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया बल्कि HSVP की साख को भी धक्का दिया।
चार्जशीट में आरोप है कि सुरजाखेड़ा और अन्य आरोपियों ने इस धन को कई लेयर में घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ‘क्लीन’ दिखाने की कोशिश की। ईडी के अनुसार, इस गबन का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ा, क्योंकि HSVP के विकास कार्यों और योजनाओं के लिए आवंटित धन को निजी स्वार्थ में इस्तेमाल किया गया।
जांच एजेंसी ने कहा कि उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। ईडी ने आरोपियों की कई चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है, ताकि गबन की गई राशि की रिकवरी हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस देश में बड़े पैमाने पर हो रही मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार की जांच में एक अहम उदाहरण बनेगा। अदालत में इस मामले की सुनवाई जल्द शुरू होने की संभावना है, और दोषी पाए जाने पर आरोपियों को कड़ी सजा मिल सकती है।
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