मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले मे बीमारी, पोषण, साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है
हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य विषेषज्ञ *डॉ नरेश पुरोहित, (प्रसिद्ध चिकित्साविद एवं वरिष्ठ लेखक), गरीब बच्चों में कुपोषण की त्रासदी, मिलावटी दवाइयों और अवैध शराब बिक्री पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए…
नई दिल्ली/इंदौर : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले मे बीमारी, पोषण , साफ पानी की कमी और चरमराती
स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है। साथ ही मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं।
इस बात का खुलासा प्रख्यात महामारी रोग विरोषज्ञ डॉ नरेश पुरोहित ने हाल ही में “कुपोषण से जंग” शीर्षक से तैयार कि गई अपनी शोध रिपोर्ट में किया।
जाने माने शोधार्थी डॉ पुरोहित ने इंदौर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान द्वारा शनिवार को आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी शोध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद पत्रकारो को बताया कि बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में 30 से अधिक विशेष संरक्षित जनजातीय बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने का मामला सामने आया है। इस इलाके में बच्चों में गंभीर कुपोषण , खून की कमी (एनीमिया) और कम वजन की समस्या पहले से मौजूद थी। इसके साथ ही क्षेत्र में खसरा , मलेरिया, निमोनिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से पांव पसार रही है। कमजोर और कुपोषित शरीर होने के कारण बच्चे इन संक्रमणों को झेल नहीं पाए।
राष्ट्रीय एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (एन.आई.डी.एस.पी.) के प्रमुख अन्वेषक डॉ. पुरोहित ने
सरकारी सर्वे का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया कि जिले भर में हजारों बच्चे मध्यम और गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। 400 से अधिक बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा, जिसके चलते जिला अस्पताल में बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तक करनी पड़ी।
उन्होने बताया कि प्रदेश मे ग्रामीण इलाकों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलना, पीने के साफ पानी का अभाव और टीकाकरण कवरेज में खामियों कि शिकायत बहुत समय से रही है।
उन्होने बताया कि मध्य प्रदेश के जबलपुर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और बालाघाट कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला मुख्य रूप से कुपोषण, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संक्रामक बीमारियों के एक साथ फैलने की गंभीर वजह से खड़ा हुआ है।
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*डॉ नरेश पुरोहित- एमडी, डीएनबी , डीआई एच , एमएचए, एमआरसीपी (यूके) एक महामारी रोग
विशेषज्ञ हैं। वे भारत के राष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार हैं। मध्य प्रदेश एवं दूसरे प्रदेशों की सरकारी संस्थाओं में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम , राष्ट्रीय पर्यावरण एवं वायु प्रदूषण के संस्थान के सलाहकार हैं। एसोसिएशन ऑफ किडनी केयर स्ट्डीज एवं हॉस्पिटल प्रबंधन एसोसिएशन के भी सलाहकार हैं।
