हरियाणा CET: पुलिसकर्मियों में पटवारी-क्लर्क बनने का क्रेज

हरियाणा CET: पुलिसकर्मियों में पटवारी-क्लर्क बनने का क्रेज

876 मुलाजिमों ने दी परीक्षा

खाकी की ड्यूटी लग रही टफ, बेहतर काम-काज और स्थिर जीवन के लिए बढ़ रहा अन्य पदों की ओर रुझान….

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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) में इस बार पुलिस विभाग के मुलाजिमों में खासा उत्साह देखने को मिला। राज्य के 876 पुलिसकर्मियों ने बेहतर कार्य परिस्थितियों और स्थिर जीवन की तलाश में पटवारी, क्लर्क और अन्य पदों पर चयन पाने के लिए यह परीक्षा दी।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस विभाग में ड्यूटी के लंबे घंटे, तनाव और पारिवारिक जीवन में संतुलन की कठिनाइयों के कारण कई मुलाजिम दूसरी नौकरियों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि CET परीक्षा में इस बार बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।

परीक्षा देने वाले पुलिसकर्मियों का कहना है कि खाकी वर्दी में ड्यूटी बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। लगातार लंबे समय तक ड्यूटी, छुट्टियों का अभाव और बढ़ते काम का दबाव उन्हें अन्य विभागों में बेहतर अवसर तलाशने के लिए मजबूर कर रहा है। पटवारी और क्लर्क जैसे पदों पर कार्य का दबाव अपेक्षाकृत कम रहता है और पारिवारिक जीवन को समय देने का अवसर भी मिलता है।

HSSC अधिकारियों ने बताया कि इस बार CET परीक्षा में कुल लाखों उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें 876 पुलिसकर्मी भी थे। इन पुलिसकर्मियों का लक्ष्य न केवल बेहतर कार्य वातावरण पाना है, बल्कि आर्थिक स्थिरता और भविष्य में पदोन्नति की संभावनाओं को भी देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस विभाग में कार्य की कठिन परिस्थितियां लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो और अधिक कर्मचारी अन्य विभागों की ओर रुख कर सकते हैं। राज्य सरकार को चाहिए कि पुलिस विभाग में कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए।

स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों के परिवारों ने भी इस प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पुलिस बल में अनुभवी कर्मचारियों का इस तरह बाहर जाना विभाग की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।

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