रैपर टॉमी जेनेसिस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप..

रैपर टॉमी जेनेसिस पर धार्मिक अपमान का आरोप

हिंदू और ईसाई प्रतीकों के अपमान पर लोग भड़के, ‘True Blue’ वीडियो पर विवाद….

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मुंबई : कैनेडियन रैपर और भारतीय मूल की कलाकार जेनेसिस यास्मीन मोहनराज, जिन्हें टॉमी जेनेसिस के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर अपने विवादित अंदाज़ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में रिलीज़ हुआ उनका म्यूजिक वीडियो “True Blue” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप भी तेजी से बढ़ता जा रहा है।

वीडियो में टॉमी जेनेसिस को एक ओर हिंदू देवी के रूप में दिखाया गया है, जहां उन्होंने पारंपरिक वस्त्र, श्रृंगार और मुद्राएं अपनाई हैं। वहीं दूसरी ओर वे ईसाई धर्म के प्रतीकों को ग्लैमराइज करती नजर आती हैं। इस संयोजन को लेकर लाखों यूज़र्स ने नाराजगी जाहिर की है, खासतौर पर भारतीय दर्शकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

यूज़र्स का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों का उपयोग केवल ध्यान खींचने और प्रचार पाने के लिए किया गया है, जो अभिव्यक्ति की आज़ादी की सीमाओं से परे है। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हजारों लोगों ने वीडियो को रिपोर्ट किया है, वहीं कई धार्मिक संगठनों ने इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू वह दृश्य है जिसमें टॉमी देवी के रूप में एक ग्लैमरस और संगीत-प्रधान अवतार में नजर आती हैं। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या पश्चिमी कलाकार जानबूझकर भारतीय और अन्य संस्कृति-आधारित धर्मों को निशाना बना रहे हैं, और क्या उन्हें इसकी अनुमति मिलनी चाहिए।

अब तक टॉमी जेनेसिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन लगातार बढ़ती आलोचना और सोशल मीडिया पर फैली नाराजगी को देखते हुए यह विवाद जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। यह मामला एक बार फिर कला बनाम धार्मिक भावना की बहस को केंद्र में ले आया है, जिसमें एक तरफ कलाकार की स्वतंत्रता है और दूसरी ओर करोड़ों लोगों की आस्था। सवाल उठता है कि क्या रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में धार्मिक विश्वासों से खिलवाड़ सही है।

 

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