क्या शादी के बाद पहलगाम बना शहीदी स्थल? - News On Radar India

क्या शादी के बाद पहलगाम बना शहीदी स्थल?

शादी के छह दिन बाद पत्नी संग गए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल पहलगाम हमले में शहीद

180

पहलगाम : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में हरियाणा के करनाल निवासी नौसेना अधिकारी विनय नरवाल भी शहीद हो गए। उनकी उम्र मात्र 26 वर्ष थी और वे भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कोच्चि में तैनात थे।

विनय की शादी 16 अप्रैल को ही हुई थी और वे अपनी पत्नी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे। लेकिन किसे पता था कि नया जीवन शुरू करने गए इस युवा दंपति की खुशियों को आतंकवाद निगल जाएगा। शादी के महज छह दिन बाद ही विनय की जिंदगी का अंत हो गया और पत्नी के सामने जीवन का सबसे बड़ा दुख आ खड़ा हुआ।

शहीद विनय नरवाल का एक मई को जन्मदिन था जिसे लेकर परिवार में खास तैयारियां चल रही थीं। लेकिन अब वह दिन उनके घरवालों के लिए एक शोकपूर्ण स्मृति बनकर रह जाएगा। एक रक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि विनय ने बहुत ही समर्पण और ईमानदारी के साथ देश सेवा को चुना था और वह देश के होनहार नौजवानों में गिने जाते थे।

हमले के बाद विनय के शहीद होने की खबर जैसे ही करनाल स्थित उनके पैतृक घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। नवविवाहिता पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोग विनय को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे हैं।

सरकार की ओर से भी शोक जताया गया है और कहा गया है कि शहीद विनय नरवाल का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। वहीं सेना और नौसेना के अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विनय को वीरता और समर्पण का प्रतीक बताया।

यह घटना न केवल आतंकवाद की कायरता को उजागर करती है बल्कि देश के उन जवानों की कुर्बानी को भी सामने लाती है जो अपने परिवार और सपनों को छोड़ देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

You might also like

Comments are closed.

Join WhatsApp Group