आखिर सरकार कब करेगी फर्जी डॉक्टरो का उपचार ? - News On Radar India

आखिर सरकार कब करेगी फर्जी डॉक्टरो का उपचार ?

मध्य प्रदेश के मशहूर अस्पताल में झोला-छाप डॉक्टर द्वारा 15 ऑपरेशन करने को लेकर हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य विषेषज्ञ, *डॉ नरेश पुरोहित, (कार्यकारी सदस्य
अखिल भारतीय अस्पताल प्रशासक संघ) की एक विशेष रिपोर्ट

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नई दिल्ली/ भोपाल : देश में झोलाछाप डाक्टरों को लेकर अक्सर चिंता जताई जाती रही है। मगर मध्यप्रदेश के दमोह जिले के एक अस्पताल में सामने आई घटना से यही पता चलता है कि कोई ठग न केवल साधारण लोगों को, बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र को कितनी आसानी से झांसे में ले सकता है। दमोह के एक अस्पताल में एक शख्स ने ब्रिटेन के  एक मशहूर चिकित्सक के नाम का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया और बड़े आराम से हृदय रोग के कई मरीजों का आपरेशन कर डाला।
उसने जिन लोगों के हृदय का आपरेशन किया, उनमें सात लोगों की जान चली गई। तब जाकर यह मामला किसी तरह खुल सका। मगर संबंधित महकमों को इस बात की जानकारी होने के बावजूद वह फरार हो गया। आरोप है कि मौत के मामलों की सूचना पुलिस को नहीं दी गई, शवों का परीक्षण नहीं कराया गया और मृत व्यक्तियों के परिजनों से मोटे पैसे भी वसूले गए। अगर ये आरोप सही हैं तो इस फर्जीवाड़े में अस्पताल प्रबंधन के शामिल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकारी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल कि फर्जी पहचान और डिग्री के साथ इतने दिनों तक कोई शख्स कैसे किसी अस्पताल में दिल के मरीजों का आपरेशन करता रहा? उसे वहां जिम्मेदारी सौंपने से पहले क्या उसकी वास्तविकता और डिग्रियों के बारे में कोई छानबीन की गई थी? सिर्फ ब्रिटेन का मशहूर डाक्टर होने का हवाला देने से उसे अस्पताल में इतनी अहम भूमिका कैसे दे दी गई? यह एक ठग की चालाकी हो सकती है, लेकिन सवाल है कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल में किसी डाक्टर को काम पर रखने की जवाबदेही से जुड़े तंत्र ने किस प्रक्रिया के तहत उसे इतनी संवेदनशील भूमिका सौंपी थी।

ऐसी घटनाएं शहरों से लेकर दूरदराज के इलाकों में भी देखी जाती रही हैं, जहां लोग स्थानीय स्तर पर ऐसे डाक्टरों से इलाज कराते रहे हैं, जिनके पास चिकित्सा की कोई वैध डिग्री नहीं होती। इस समस्या से निपटने के लिए लंबे समय से कवायदें होती रही हैं। पर फर्जी तरीके से एक अस्पताल में बहाल डाक्टर के हृदय का आपरेशन करने के मामले ने समूचे सरकारी तंत्र की जांच प्रक्रिया और उसके कामकाज की शैली पर सवाल उठाया है|


*डॉ नरेश पुरोहित- एमडी, डीएनबी , डीआई एच , एमएचए, एमआरसीपी (यूके) एक महामारी रोग विशेषज्ञ हैं। वे भारत के राष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार हैं। मध्य प्रदेश एवं दूसरे प्रदेशों की सरकारी संस्थाओं में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम , राष्ट्रीय पर्यावरण एवं वायु प्रदूषण के संस्थान के सलाहकार हैं। एसोसिएशन ऑफ किडनी केयर स्ट्डीज एवं हॉस्पिटल प्रबंधन एसोसिएशन के भी सलाहकार हैं।

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