हरियाणा में प्रदूषण: पराली जलाने पर 21 अफसरों पर कार्रवाई

पराली जलाने पर सख्ती, 21 अफसरों पर कार्रवाई

प्रदूषण रोकने में कोताही पर अफसरों पर शिकंजा, गुरुग्राम सबसे प्रदूषित शहर

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हरियाणा: पराली जलाने से रोकने में लापरवाही पर 21 अफसरों पर कार्रवाई, AQI चिंताजनक स्तर पर
दिवाली के बाद हरियाणा में प्रदूषण में मामूली कमी आई है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। बुधवार को प्रदेश के 13 जिलों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार दर्ज किया गया। गुरुग्राम 293 AQI के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा।

पराली जलाने पर सख्त रवैया:
सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतते हुए लापरवाह अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) अधिनियम की धारा 14 के तहत ऐसे 21 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिन्होंने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में कोताही बरती। जांच में दोषी पाए जाने पर इन अधिकारियों को निलंबित करने का प्रावधान है।

प्रदूषण की स्थिति गंभीर:
हालांकि, मंगलवार और बुधवार को किसी जिले का औसत AQI 300 पार नहीं हुआ, लेकिन 200 से ऊपर का स्तर अब भी चिंताजनक है। यह साफ दर्शाता है कि पराली जलाने और अन्य प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण जरूरी है।

सरकार का एक्शन प्लान:
हरियाणा सरकार ने पराली जलाने पर रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। किसानों को वैकल्पिक विधियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से यह संदेश दिया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सार्वजनिक सहयोग की जरूरत:
सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

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