5 जुलाई के पंथिक एकत्रण को लेकर एडवोकेट धामी और बाबा टेक सिंह ने विभिन्न सिख संगठनों के नेताओं से की मुलाकात
पंथिक एकजुटता के लिए 5 जुलाई को अमृतसर पहुँचने की अपील की
अमृतसर : श्री अकाल तख्त साहिब से हुए आदेश और वर्तमान समय में सिख पंथ के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा 5 जुलाई 2026 को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में रखे गए पंथिक एकत्रण (इकठ) में शामिल होने के लिए शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी टेक सिंह द्वारा सिख संगठनों और विभिन्न संप्रदायों के प्रमुखों से मुलाकात कर उन्हें इस बैठक के संबंध में निमंत्रण पत्र सौंपे गए।
सिख नेताओं ने शिरोमणि पंथ अकाली बुड्ढा दल के प्रमुख जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह 96वें करोड़ी, बाबा घाला सिंह नानकसर कलेरां, बाबा हाकम सिंह, रेशम सिंह बरनाला और बाबा जगजीत सिंह लोपो वालों सहित अन्य महापुरुषों से मिलकर निमंत्रण पत्र सौंपे। इस दौरान जहाँ वर्तमान समय में पंथिक संस्थाओं के सामने आ रही चुनौतियों और सिख मुद्दों के संबंध में गहरी और सार्थक चर्चा की गई, वहीं श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किए जाने के संबंध में पैदा हुई मौजूदा स्थिति के बारे में 5 जुलाई को बुलाए गए विशाल पंथिक एकत्रण में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
इसी दौरान ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानकियाणा साहिब, संगरूर में संत समाज के प्रमुख नेताओं के साथ एक विशेष बैठक को संबोधित करते हुए शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और हुकमनामे के संदेश को शिरोमणि कमेटी द्वारा पंजाब के हर गाँव और घर-घर तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि संगत को वर्तमान सरकार के पंथ विरोधी चेहरे से अवगत कराया जा सके। इसी कड़ी के तहत अब पूरे पंथ की राय और अगली रणनीति तय करने के लिए गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल, श्री अमृतसर में एक विशाल पंथिक एकत्रण बुलाया गया है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हुक्म हर सिख के लिए सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि गुरु घर और पंथ विरोधी ताकतों की पहचान करना और एकजुटता से उनका सामना करना समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई का पंथिक एकत्रण कौम (कौम/समुदाय) की एकजुटता और चढ़दी कला (उच्च मनोबल) का प्रतीक होगा।
इसी दौरान तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी टेक सिंह ने सिख संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक संगत को साथ लेकर 5 जुलाई को श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में पहुँचें, ताकि कौम विरोधी तत्वों को करारा जवाब दिया जा सके।
इस दौरान उपस्थित संत समाज के महापुरुषों ने शिरोमणि कमेटी के नेताओं को भरोसा दिलाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के हर आदेश का पालन करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने 5 जुलाई के पंथिक एकत्रण में बड़ी संख्या में साधु-संतों द्वारा संगत सहित शामिल होने का पूर्ण विश्वास दिलाया।
इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी सदस्य बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, जत्थेदार भूपिंदर सिंह भलवान, बाबा दलजीत सिंह अकाली बुड्ढा दल संगरूर, बाबा सुखविंदर सिंह मोनी गु. अंगीठा साहिब मस्तुआना साहिब, बाबा हरबेअंत सिंह गु. साहिब माता भोली कौर जी मस्तुआना साहिब, बाबा सुखदेव सिंह गुरुद्वारा जन्म स्थान संत बाबा अतर सिंह जी, बाबा जगजीत सिंह, काका वीर जी बड़ू साहिब वाले, बाबा भरपूर सिंह फतेह माजरी, बाबा रणजोध सिंह संगरूर, बाबा हरपाल सिंह भोजोवाल, बाबा गुरजंट सिंह तपा दराज़, बाबा दलबीर सिंह माना, बाबा गुलविंदर सिंह, बाबा सुखपाल सिंह दरोगेवाले, बाबा जगतार सिंह गु. मंजी साहिब आलोअर्ख, बाबा तरलोचन सिंह गुरुद्वारा मंजी साहिब, भाई गुरसेवक सिंह घराचों प्रचारक सह प्रभारी जिला संगरूर सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी। (हरमिन्दर नागपाल दी रिपोर्ट )