40 दिन की पैरोल पर बाहर आए राम रहीम
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40 दिन की पैरोल पर बाहर राम रहीम

हनीप्रीत के साथ सिरसा रवाना, 15 अगस्त को मना सकता है जन्मदिन…..

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रोहतक डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मंगलवार सुबह 40 दिन की पैरोल पर जेल से रिहा किया गया। रोहतक की सुनारिया जेल से रिहाई के बाद बाबा को लेने के लिए हनीप्रीत खुद आई थीं और दोनों साथ में सिरसा के लिए रवाना हो गए। बाबा की यह पैरोल 15 अगस्त को आने वाले उनके जन्मदिन से कुछ दिन पहले मिली है, जिसे लेकर समर्थकों में पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं।

सुबह सात बजे के आसपास हनीप्रीत विशेष गाड़ी में बाबा राम रहीम को लेने पहुंचीं। सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अफरातफरी न हो। जेल परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात था और मीडिया को भी एक निश्चित दूरी पर रोक दिया गया था। जैसे ही बाबा बाहर आए, उन्होंने मीडिया की तरफ हाथ हिलाकर इशारा किया लेकिन कोई बात नहीं की। इसके बाद वे चुपचाप गाड़ी में बैठ गए और सिरसा की ओर रवाना हो गए।

राम रहीम की यह पैरोल ऐसे समय पर आई है जब डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी उनका जन्मदिन मनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि सिरसा में इस बार बड़े स्तर पर जन्मदिन समारोह की योजना बनाई जा रही है। बाबा इससे पहले भी कई बार पैरोल पर बाहर आ चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें 40 दिनों की लंबी पैरोल मिली है जो काफी खास मानी जा रही है।

राम रहीम रेप और हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और पिछले कुछ वर्षों से वह सुनारिया जेल में सजा काट रहे हैं। हालांकि, समय-समय पर उन्हें पैरोल मिलती रही है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई बार सवाल भी उठ चुके हैं।

इस बार की पैरोल को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि बाबा की पैरोल और जन्मदिन को जोड़कर देखा जाना चाहिए, जबकि कुछ इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। वहीं, बाबा के समर्थकों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं है। डेरा अनुयायियों ने सिरसा में स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इस पैरोल के दौरान बाबा क्या करेंगे, कहां ठहरेंगे और किन-किन लोगों से मिलेंगे – इस पर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे डेरा परिसर में ही रहेंगे और वहीं से कुछ ऑनलाइन सत्संग भी कर सकते हैं।

राम रहीम की पैरोल एक बार फिर सुर्खियों में है और इससे जुड़े राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर भी बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी इस रिहाई का क्या असर होता है और डेरा समर्थक इसे कैसे सेलिब्रेट करते हैं।

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