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किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है… नहीं रहे लेजेंडरी सिंगर भूपिंदर सिंह

82 साल की उम्र में हुआ निधन

“नाम गुम जाएगा” और “हुजूर इस कदर भी ना इतरा के चलिए” जैसे सुपरहिट गाने बॉलीवुड को देने वाले दिग्गज गायक भूपिंदर सिंह सोमवार (18 जुलाई, 2022) को दुनिया को अलवदि कह गए। 82 साल के भूपिंदर सिंह का मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि गायक की पत्नी मिताली सिंह ने की है। वो कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। मिताली सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक के कारण भूपिंदर सिंह की मृत्यु हो गई।

भूपिंदर की पत्नी मिताली ने कहा, “उनका सोमवार को निधन हो गया और अंतिम संस्कार जहां तक है मंगलवार को होगा।”

क्रिटिकेयर एशिया अस्पताल के निदेशक डॉ दीपक नामजोशी ने कहा, “भूपिंदर को दस दिन पहले हमारे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें कोई इंफेक्शन था। इसी दौरान वो कोरोना संक्रमित हो गए। सोमवार सुबह उनकी हालत बिगड़ गई और हमें उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। उन्हें हार्ट अटैक हुआ और शाम 7:45 पर उनका निधन हो गया।”

ये हैं भूपिंदर सिंह के कुछ सुपरहिट गाने

भूपिंदर सिंह को “दिल ढूंढता है”, “नाम गुम जाएगा”, “एक अकेला इस शहर में”, “बीते ना बिताए रैना”, “हुजूर इस कदर भी ना इतरा के चलिए”, “किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है”, “बादलों से काट काट के” जैसे सुपरहिट गानों के लिए जाना जाता है।

उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो से अपने करियर की शुरुआत की थी और दिल्ली दूरदर्शन केंद्र से भी जुड़े रहे। 1962 में, संगीतकार मदन मोहन ने उन्हें एक पार्टी में गिटार बजाते हुए सुना और उन्हें मुंबई बुला लिया। मदन ने उन्हें फिल्म हकीकत में “होके मजबूर” गाने का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने मोहम्मद रफी, तलत महमूद और मन्ना डे के साथ गाया। खय्याम ने फिर उन्हें आखिरी खत फिल्म का गाना “रुत जवां जवां” दिया। उनकी भारी बेस वाली आवाज ने उन्हें एक धार दी और वे धीरे-धीरे सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। भूपिंदर ने कई म्यूजिक एलबम भी बनाईं। भूपिंदर सिंह के परिवार में पत्नी मिताली और बेटा निहाल सिंह हैं।
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