रॉन्ग साइड पर गाड़ियां चलाने से बढ़े हादसे | पानीपत NH-44 हादसा

हादसे से नहीं ली सीख, टोल बचाने के चक्कर में रॉन्ग साइड से गुजर रहे वाहन चालक

नेशनल हाईवे-44 पर पुलिस की लापरवाही और चालकों की लापरवाही से बढ़ रहा खतरा।

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पानीपत। नेशनल हाईवे-44 पर आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद वाहन चालक लापरवाही से अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। टोल शुल्क बचाने के लिए चालक रॉन्ग साइड में गाड़ियां चला रहे हैं, जिससे गंभीर हादसों का खतरा बढ़ रहा है। पुलिस हादसे के बाद भी इस पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।

रॉन्ग साइड पर नियमों की अनदेखी
अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जीटी रोड टोल प्लाजा पर सेक्टर-18 से रॉन्ग साइड में गाड़ियों की आवाजाही जारी है। टोल प्लाजा पर चंडीगढ़-दिल्ली लेन पर भारी वाहन 100-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हैं। वाहन चालक इन्हीं गाड़ियों के सामने से रॉन्ग साइड में निकलने की कोशिश करते हैं।

शहर के विभिन्न स्थानों, जैसे तहसील कैंप कट और सत्संग भवन रोड पर भी वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे। इन इलाकों में रॉन्ग साइड में गाड़ियां चलाने वालों की लंबी कतारें देखी गईं।

पुलिस की लापरवाही और हादसे
वीरवार को एक ट्रक चालक ने रॉन्ग साइड में पांच किलोमीटर तक ट्रक दौड़ाया, जिससे पांच अलग-अलग हादसे हुए। इन हादसों में छह लोग कुचले गए, जिनमें से पांच की मौत हो गई। बावजूद इसके, पुलिस की कार्रवाई और उपस्थिति का कोई प्रभाव नहीं दिखा।

पुलिस का बयान
डीएसपी यातायात सुरेश कुमार सैनी को हादसे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उनसे 10 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस ने रॉन्ग साइड में गाड़ियां चलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने की बात कही है।

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