वित्तीय स्थिति को सुधारने की ओर मान सरकार का कदम: कैबिनेट बैठक में तीन प्रमुख प्रस्तावों पर विचार - News On Radar India

वित्तीय स्थिति को सुधारने की ओर मान सरकार का कदम: कैबिनेट बैठक में तीन प्रमुख प्रस्तावों पर विचार

इंडस्ट्री पर बढ़ेगी बिजली ड्यूटी, सुखना ईको सेंसिटिव जोन का विस्तार और ईडब्ल्यूएस भूमि की नीलामी पर होगा फैसला

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पंजाब सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में जल्द होने वाली कैबिनेट बैठक में तीन अहम प्रस्ताव लाए जाएंगे। इनमें औद्योगिक क्षेत्र में बिजली ड्यूटी बढ़ाना, सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के ईको सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) का विस्तार, और प्राइवेट रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आरक्षित भूमि की नीलामी शामिल हैं।

प्रमुख प्रस्ताव और उनके प्रभाव

1. इंडस्ट्री पर बढ़ेगी बिजली ड्यूटी

पंजाब सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। तीन प्रतिशत की वृद्धि से सरकार को 800-900 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है।

  • पिछली स्थिति: 2022 में सत्ता में आने के बाद अब तक बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई।
  • आर्थिक लाभ: अतिरिक्त राजस्व से राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद मिलेगी।

2. सुखना ईको सेंसिटिव जोन का विस्तार

सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के दायरे में ईएसजेड को 100 मीटर से बढ़ाकर 3 किलोमीटर करने का प्रस्ताव है।

  • नियमित निर्माण पर प्रतिबंध: इस क्षेत्र में भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी होगी।
  • प्रभावित क्षेत्र: नयागांव, कांसल, करोरा, नाडा, और न्यू चंडीगढ़ के हिस्से इस दायरे में आएंगे, जिससे डेढ़ लाख से अधिक लोग प्रभावित होंगे।
  • सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने ईएसजेड का दायरा कम से कम 1 किलोमीटर तय किया था।

3. ईडब्ल्यूएस श्रेणी की भूमि की नीलामी

ईडब्ल्यूएस हाउसिंग के लिए आरक्षित भूमि को अब प्राइवेट रियल एस्टेट मालिकों को नीलामी के जरिए बेचा जाएगा।

  • लाभ और हानि: जरूरतमंदों को नुकसान, लेकिन प्राइवेट बिल्डर्स को फायदा।
  • प्रभावित क्षेत्र: मोहाली, लुधियाना, और जालंधर जैसे बड़े शहरों के 40 से अधिक प्रोजेक्ट।

सरकार की चुनौतियां और आगे की रणनीति

मान सरकार वित्तीय संकट से निपटने और चुनावी वादों को पूरा करने के लिए इन प्रस्तावों पर तेजी से काम कर रही है। हालांकि, इन फैसलों का प्रभाव प्रदेश के लोगों और उद्योगों पर पड़ेगा, जिससे सरकार को विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है।PunjabNews

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