लखनऊ जॉइंट्स ने डेफ आईपीएल 2025 का खिताब जीता

लखनऊ जॉइंट्स ने डेफ आईपीएल जीता

बेंगलुरु बादशाह को 82 रन से हराया….

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चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित जीएमएसएसएस ग्राउंड में सोमवार को खेल प्रेमियों का उत्साह चरम पर था जब छठी डेफ इंडियन प्रीमियर लीग का फाइनल मुकाबला लखनऊ जॉइंट्स और बेंगलुरु बादशाह के बीच खेला गया। इस रोमांचक फाइनल में लखनऊ जॉइंट्स ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल जीत हासिल की बल्कि पूरे टूर्नामेंट पर अपनी छाप भी छोड़ी। बेंगलुरु बादशाह ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया लेकिन लखनऊ के बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया।

लखनऊ के सलामी बल्लेबाज आकाश सिंह ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए केवल 38 गेंदों में नाबाद 83 रनों की धमाकेदार पारी खेली। उनकी पारी में चौकों और छक्कों की झड़ी लगी रही जिससे मैदान में मौजूद दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। आकाश की इस शानदार पारी ने लखनऊ की टीम को एक मजबूत स्कोर खड़ा करने में मदद की और शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बना ली।

बेंगलुरु बादशाह की टीम, जो पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखा रही थी, इस मैच में दबाव में नजर आई। लखनऊ की सधी हुई गेंदबाजी और मैदान पर शानदार फील्डिंग के सामने बेंगलुरु की टीम बिखरती नजर आई। लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी टीम दबाव में आकर एक के बाद एक विकेट गंवाती रही और अंततः पूरी टीम निर्धारित ओवरों से पहले ही ऑल आउट हो गई।

लखनऊ जॉइंट्स की जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर आंकड़ों की नहीं थी बल्कि यह उनकी मेहनत, टीम वर्क और आत्मविश्वास की जीत थी। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने ना केवल अपने खेल से बल्कि अपने जज़्बे से भी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। विशेष रूप से डेफ खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस टूर्नामेंट ने यह दिखा दिया कि प्रतिभा किसी भी सीमा या चुनौती की मोहताज नहीं होती।

इस आयोजन से यह भी साबित हुआ कि देश में दिव्यांग खिलाड़ियों को यदि सही मंच और अवसर मिले, तो वे किसी से कम नहीं हैं। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने जिस खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया, वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।

जीत के बाद लखनऊ की टीम में खुशी का माहौल था। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। टूर्नामेंट आयोजकों और स्थानीय दर्शकों ने खिलाड़ियों को खुलकर सराहा और उनके उत्साह में भागीदारी की। यह टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरक संदेश था कि चुनौती चाहे जैसी भी हो, अगर हौसला हो तो जीत ज़रूर मिलती है।

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