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रोहतक में खौफनाक वारदात मोनू को खोजा और गोलियों से भूना

हमलावरों की तैयारी और डीवीआर की चोरी

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हरियाणा के रोहतक में गुरुवार रात बोहर इलाके में स्थित एक शराब के ठेके पर हुई गोलीबारी की घटना ने शहर को दहला दिया। बाइक पर आए दो हथियारबंद बदमाशों ने मोनू नामक व्यक्ति की पहचान कर गोलियों की बौछार कर दी। घटना में दो अन्य युवक भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शी दीपक ने वारदात की कहानी बयां की, जिसमें हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और ठेके पर लगे सीसीटीवी के डीवीआर को भी उखाड़कर ले गए।

1. वारदात की गवाही: ‘मैं हूं मोनू’ कहने के बाद चलीं गोलियां
घटना के प्रत्यक्षदर्शी दीपक ने बताया कि गुरुवार रात सभी लोग शराब के ठेके पर बैठे हुए थे। तभी अचानक बाइक पर सवार दो युवक आए और दोनों हाथों में हथियार लेकर ठेके पर घुस गए। उन्होंने आते ही पूछा, “मोनू कौन है?” जब मोनू ने जवाब दिया, “मैं हूं”, तो बदमाशों ने बिना कोई देरी किए उस पर गोलियां चला दीं। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और किसी को भी हिलने का मौका नहीं दिया। दीपक ने खुद को मेज के पीछे छिपाकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

2. हमलावरों की तैयारी और डीवीआर की चोरी
हमलावरों की योजना बहुत सोच-समझकर बनाई गई थी। उन्होंने ठेके के सभी लोगों की पहचान पहले से कर रखी थी, और इस बात की भी जानकारी थी कि ठेके पर सीसीटीवी लगे हुए हैं। वारदात के बाद वे ठेके पर लगे सीसीटीवी का डीवीआर भी उखाड़कर ले गए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। डीवीआर के गायब होने से पुलिस को अब फोरेंसिक और अन्य सबूतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

3. पुलिस के लिए चुनौती: हमलावरों का पता लगाना मुश्किल
घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, सीसीटीवी का डीवीआर चोरी हो जाने से पुलिस के पास अब कोई सीधा सुराग नहीं है। फिलहाल पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और अन्य संभावित सबूतों के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी है। यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी, जिससे पुलिस को अपराधियों का पता लगाने में मुश्किल हो रही है।

4. घायल युवकों की हालत गंभीर, गोली का नहीं लगा सुराग
पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में घायल हुए दो युवकों का इलाज चल रहा है, जिन्हें पैरों में गोली लगी है। डॉक्टर लगातार उनके बहते खून को रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन गोली उनके शरीर में नजर नहीं आई। एक्स-रे के बाद ही यह पता चलेगा कि गोली कहां फंसी हुई है और उसे किस तरह निकाला जा सकता है। समाचार लिखे जाने तक घायलों का इलाज जारी था और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।

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