मोनू मानेसर : भिवानी कांड में मोनू मानेसर को राजस्थान पुलिस की क्लीन चिट! वांछित सूची से हटाया नाम ! - News On Radar India
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मोनू मानेसर : भिवानी कांड में मोनू मानेसर को राजस्थान पुलिस की क्लीन चिट! वांछित सूची से हटाया नाम !

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चंडीगढ़: भिवानी हत्याकांड को लेकर हथीन की अनाज मंडी में चल रही महापंचायत में बुधवार को दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हिंदू संगठनों ने इकट्ठा होकर ऐलान किया कि वे आरोपियों को गिरफ्तार नहीं होने देंगे. इस बीच, राजस्थान पुलिस ने इस मामले में वांछितों की एक नई सूची जारी की और मोनू मानेसर और लोकेश सिंगला को क्लीन चिट दे दी। नई सूची में इन दोनों का नाम नहीं है।

भरतपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस ने इस मामले में 8 अन्य वांछितों की सूची उनके फोटो सहित जारी की है. इनमें से 2 नूंह के और 6 हरियाणा के अन्य जिलों के हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के पांच नामजद आरोपियों में से एक रिंकू सैनी, जो पुलिस रिमांड पर है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

गोपालगढ़ थाना पुलिस ने मोनू मानेसर, लोकेश सिंगला, रिंकू सैनी, अनिल कुमार, श्रीकांत मरोदा को नामजद कर घाटमिका के जुनैद व नासिर को अगवा कर हत्या करने के आरोप में दस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. राजस्थान पुलिस के एडीजीपी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि इस हत्याकांड में अनिल निवासी श्रीकांत, कालू, किशोर, अनिल निवासी भिवानी, शशिकांत, विकास, मोनू निवासी पलुवास, भिवानी वांछित हैं.

पुलिस ने बरामद की स्कॉर्पियो कार
भरतपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि इस गंभीर घटना के बाद जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ ही कॉल डिटेल निकालकर पुख्ता सबूत जुटाए हैं. पुलिस ने जुनैद और नसीर के अपहरण से लेकर हत्या तक की घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी हरियाणा से बरामद कर ली है. इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस की तीन टीमें हरियाणा पुलिस के सहयोग से लगातार छापेमारी कर रही हैं.

महापंचायत में जुटे 4 राज्यों के संगठन
भिवानी कांड के आरोपियों के समर्थन में बुधवार को हथीन की अनाज मंडी में महापंचायत की गई. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में महापंचायत में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हिंदू संगठन एकत्र हुए। इधर मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए. बताया गया कि पुलिस इन युवकों को मामले में फंसा रही है। वे आरोपियों को गिरफ्तार नहीं होने देंगे।

आरोपियों को आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया। वक्ताओं ने कहा कि मोनू मानेसर और उनके साथियों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। हिंदू संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि जांच में दोषी साबित होने के बाद ही गिरफ्तारी होनी चाहिए। अगली महापंचायत भिवानी, फिर सोहना और भरतपुर में करने की घोषणा की गई।

भिवानी कांड में अब तक क्या-क्या हुआ
हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू में 16 फरवरी को एक जली हुई बोलेरो मिली थी। इस गाड़ी में जुनैद और नासिर नाम के दो मुस्लिम युवकों के जले हुए कंकाल मिले थे. इसके बाद पुलिस ने मोनू मानेसर समेत बजरंग दल के पांच कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हरियाणा और राजस्थान पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी मोनू मानेसर भिवानी कांड के बाद से फरार है.

इस मामले में एक अन्य आरोपी श्रीकांत पंडित के परिवार ने राजस्थान पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. आरोप है कि श्रीकांत के घर पर नहीं मिलने पर उसकी गर्भवती पत्नी को पुलिस ने धक्का दे दिया, जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गयी. इस मामले में नूंह पुलिस ने राजस्थान के 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

कौन हैं मोनू मानेसर
मोनू मानेसर का असली नाम मोहित यादव है। वह गुरुग्राम बजरंग दल के जिला संयोजक हैं और कौ टास्क फोर्स से जुड़े हुए हैं। यह टास्क फोर्स पशु तस्करी और गोहत्या से जुड़े मामलों की जानकारी लेने के साथ ही तुरंत कार्रवाई करती है. 2011 में बजरंग दल की सदस्यता लेने के बाद वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। उनकी टीम में 50 लोग बताए जा रहे हैं। उनकी टीम पानीपत, भिवानी, सोनीपत, गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह और पलवल में सक्रिय है।

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