भट्‌टी का दावा: मूसेवाला हत्याकांड में राजनेता शामिल
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भट्‌टी का दावा: मूसेवाला हत्याकांड में राजनेता

पाकिस्तानी डॉन बोला- भारतीय एजेंसियां करवाती हैं वारदात, लॉरेंस केवल जिम्मेदारी लेता है….

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पंजाब की राजनीति और अपराध जगत से जुड़ा सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस विधायक सरदार अमरजीत सिंह भट्‌टी ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि इस हत्या में सीधे तौर पर कुछ राजनेता और सरकारी लोग शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सच को छिपाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए और असली गुनाहगार अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं। भट्‌टी का यह बयान मूसेवाला के प्रशंसकों और परिवार के लिए एक बार फिर पुराने घाव ताज़ा कर गया है, जिन्होंने शुरुआत से ही न्याय की उम्मीद की थी।

इस बीच पाकिस्तान से भी एक बड़ा दावा सामने आया है। वहां के कुख्यात डॉन ने कहा है कि मूसेवाला की हत्या जैसी वारदातें भारतीय एजेंसियों की ओर से करवाई जाती हैं। उसका आरोप है कि इन वारदातों का जिम्मा गैंगस्टरों पर थोप दिया जाता है ताकि असली चेहरा सामने न आ सके। उसने लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेते हुए कहा कि वह केवल ऐसे मामलों की जिम्मेदारी लेता है, जबकि असली खेल कहीं और से संचालित होता है।

इन दोनों बयानों ने मामले को और उलझा दिया है। मूसेवाला हत्याकांड पहले ही एक संवेदनशील मुद्दा है, जिस पर पंजाब और देशभर की जनता लगातार सवाल उठाती रही है। अब जब विधायक और बाहरी डॉन दोनों ही बड़े आरोप लगा रहे हैं, तो जनता के बीच भ्रम और असंतोष और गहराता जा रहा है।

सिद्धू मूसेवाला, जो सिर्फ एक गायक ही नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक थे, उनकी हत्या ने लाखों युवाओं को गहरे सदमे में डाल दिया था। उनकी लोकप्रियता सीमाओं के पार तक फैली थी और उनके गीतों ने युवा पीढ़ी को पहचान दी थी। यही कारण है कि उनकी हत्या को लेकर हर नई जानकारी लोगों की भावनाओं को झकझोर देती है।

भट्‌टी ने कहा कि अगर सच को सामने लाना है तो जांच एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करना होगा। उन्होंने अपील की कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक मूसेवाला की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी और उनके प्रशंसक भी संतुष्ट नहीं होंगे।

पाकिस्तानी डॉन का बयान अपने आप में विवादित है, क्योंकि यह पड़ोसी देश से दिया गया है और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। फिर भी, इसने मौजूदा हालात में नई बहस को जन्म दे दिया है। कई लोग मानते हैं कि यह बयान केवल सनसनी फैलाने के लिए हो सकता है, जबकि कुछ इसे सच्चाई की ओर इशारा मानते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मूसेवाला हत्याकांड अभी खत्म नहीं हुआ है। जनता के मन में आज भी सवाल हैं कि आखिर असली दोषी कौन है और कब तक न्याय मिलेगा। जब विधायक और अपराध जगत से जुड़े लोग इतने गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो यह सरकार और एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है कि पारदर्शी जांच के माध्यम से सच सामने लाया जाए।

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