पाक ने BSF जवान को 20 दिन बाद छोड़ा
DGMO वार्ता के बाद अटारी बॉर्डर से सुरक्षित लौटे पूर्णम कुमार, पाकिस्तानी हिरासत में थे…..
अमृतसर : पाकिस्तान ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार को लगभग 20 दिन बाद रिहा कर दिया है। जवान को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लौटाया गया। यह रिहाई भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच DGMO (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर की बातचीत के बाद संभव हो सकी।
पूर्णम कुमार की गिरफ्तारी तब हुई थी जब वह ड्यूटी के दौरान गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे। इस घटना के बाद भारत सरकार ने तुरंत पाकिस्तान से संपर्क साधा और जवान की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए।
भारत ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान को जवान की रिहाई के लिए चेताया था और उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारियों के माध्यम से बातचीत कर मामले को शांति से सुलझाने का प्रयास किया। DGMO स्तर की इस संवाद प्रक्रिया में पाकिस्तान ने सकारात्मक रुख दिखाया और पूर्णम कुमार को रिहा कर दिया गया।
बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि जवान के लौटने के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। जवान ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान में हिरासत के दौरान पूछताछ की गई लेकिन कोई गंभीर दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान से अपील की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को लेकर अधिक संवेदनशीलता बरती जाए और मानवीय आधार पर व्यवहार किया जाए। वहीं जवान की सुरक्षित वापसी से उनका परिवार बेहद भावुक हो गया।
पूर्णम कुमार के घर में जश्न का माहौल है। उनके माता-पिता और अन्य परिजनों ने सरकार और बीएसएफ का आभार जताया है। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जवान का स्वागत किया और उन्हें जल्द ही छुट्टी देकर परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दी है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सीमा पर तैनात जवानों के लिए हर पल सतर्कता जरूरी है और छोटी सी चूक भी अंतरराष्ट्रीय मामला बन सकती है। वहीं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि हर भारतीय नागरिक और जवान की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
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