पंजाब कांग्रेस में मचा घमासान, दो इस्तीफे
आशु के समर्थन में परगट और किक्की का बड़ा कदम….
पंजाब : कांग्रेस में आंतरिक कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। वरिष्ठ विधायक परगट सिंह और पूर्व विधायक डॉ. हरजोत कमल किक्की ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने यह कदम पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के समर्थन में उठाया है, जिनके खिलाफ हाल ही में पार्टी के भीतर से तीखी आलोचनाएं हो रही थीं।
परगट सिंह, जो पार्टी की पंजाब इकाई में एक अहम भूमिका निभा रहे थे, ने कांग्रेस विधायक दल की बैठकों से खुद को अलग कर लिया है। वहीं, हरजोत कमल किक्की ने मोगा जिले के मीत प्रधान पद से त्यागपत्र दे दिया है। दोनों नेताओं ने अपने इस्तीफे के पत्र कांग्रेस आलाकमान को भेज दिए हैं।
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर कुछ लोगों द्वारा आशु को बदनाम करने की साजिश चल रही है, जबकि वे एक समर्पित और ईमानदार नेता हैं। परगट सिंह ने कहा, “जब पार्टी अपने ही समर्पित कार्यकर्ताओं की इज्जत नहीं कर सकती, तो वहां बने रहने का क्या फायदा?”
हरजोत कमल ने भी यही तर्क देते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ है जो मेहनती नेताओं को दरकिनार कर देता है।
बताया जा रहा है कि इस्तीफों के बाद कांग्रेस आलाकमान में हड़कंप मच गया है। पार्टी के सीनियर नेताओं से तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है और जल्द ही एक बैठक बुलाने की तैयारी चल रही है।
उधर, भाजपा और आम आदमी पार्टी ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं की। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अंदर से पूरी तरह बिखर चुकी है और उसमें अब सामूहिक नेतृत्व की क्षमता नहीं बची।
फिलहाल, पंजाब कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में प्रवेश कर चुकी है। अब देखना है कि आलाकमान इस संकट को किस तरह संभालता है।
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