दही हांडी उत्सव में हादसा: मुंबई-ठाणे में 2 की मौत, 117 घायल
गोविंदाओं ने मटकी फोड़ी, उत्सव का रंग दिखा लेकिन सुरक्षा के नाम पर बनी छाया
मुंबई/ठाणे: भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मनाए जाने वाले दही हांडी उत्सव में उमंग और उत्साह के साथ-साथ हादसों ने भी इसे छाया दी। मुंबई और ठाणे में आयोजित विभिन्न हांडी कार्यक्रमों में गोविंदाओं की टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकी मटकी तोड़ी। युवाओं की इस मेहनत और उत्साह को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी जमा हुए।
उत्सव में कई मशहूर हस्तियों ने भी भाग लिया और गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाया। रंग-बिरंगी पोशाकों और ढोल-ताशों की थाप के बीच यह पर्व शहरवासियों को देखने और आनंद लेने का अवसर देता है।
लेकिन मुंबई और ठाणे में हुए हादसों ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन हादसों में दो लोगों की मौत हुई और 117 लोग घायल हुए। घायल लोगों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसों के कारण मानव पिरामिड गिरने और भीड़ में अफरातफरी मचने की वजह बताई जा रही है।
मुंबई पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। प्रशासन ने भी चेतावनी जारी की है कि अगले साल से हांडी उत्सव के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दही हांडी उत्सव में सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा की उचित व्यवस्था न होने से हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके लिए आयोजकों को भी जिम्मेदारी उठानी होगी।
फिलहाल, मुंबई और ठाणे के अस्पतालों में घायल लोगों का उपचार जारी है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उत्सव में शामिल होने से पहले सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें।
इस उत्सव में उत्साह और आनंद के साथ-साथ सुरक्षा की चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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