अमृतसर में देश विरोधी नारे लिखने पर दो गिरफ्तार
सिख्स फॉर जस्टिस के इशारे पर रची गई साजिश का खुलासा
अमृतसर: सार्वजनिक स्थलों पर देश विरोधी नारे लिखने के सनसनीखेज मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बटाला के गांव दरगाबाद निवासी जशनप्रीत सिंह और एक 17 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को दी।
डीजीपी ने बताया कि यह पूरी साजिश प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के इशारे पर रची गई थी। SFJ लगातार पंजाब में अस्थिरता फैलाने और अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। इस मामले में भी आरोपियों को संगठन से जुड़े लोगों ने उकसाया और भड़काऊ नारे लिखने के लिए कहा।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अमृतसर के तीन अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों पर देश विरोधी नारे लिखे थे। जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, पंजाब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल टीमें गठित कीं और तकनीकी व खुफिया जांच शुरू की। इसके बाद दोनों को कम समय में दबोच लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस घटना के पीछे युवाओं को भटकाकर हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल करने की रणनीति थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से नारे लिखने में इस्तेमाल किए गए रंग और अन्य सामग्री भी बरामद कर ली गई है।
डीजीपी गौरव यादव ने साफ कहा कि पंजाब की शांति और एकता को तोड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “SFJ जैसे संगठनों के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जो भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होगा, उसे कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।”
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि SFJ के स्थानीय नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके। सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हैं और केंद्र के साथ मिलकर खुफिया जानकारी साझा कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से न केवल राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि अलगाववादी ताकतों को भी स्पष्ट संदेश जाता है कि पंजाब की धरती पर किसी भी तरह की देश विरोधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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