शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को CFMTTI बुधनी में किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी में किसानों से संवाद किया
बुधनी का मान और किसानों की शान कभी कम नहीं होने दूंगा
किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई तकनीक और मशीनों का इस्तेमाल जरूरी -शिवराज सिंह चौहान
भोपाल- केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को बुधनी स्थित केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित किसान मेला और राष्ट्रीय उन्नत कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी में शामिल हुए और किसान, वैज्ञानिक और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, बुधनी की ये पवित्र धरा अद्भुत है। यहाँ सलकनपुर वाली मैया की कृपा बरसती है और मोक्षदायिनी नर्मदा माई की अमृतधारा हम सबके कंठों की ही नहीं, बल्कि सूखे खेतों की प्यास भी बुझाती है। उन्होंने कहा कि, जब मैं यहाँ आया तो मेरा पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। यह पगड़ी भारत की संस्कृति और परंपरा की पहचान है। मैं पगड़ी का मान, आपका सम्मान और किसानों की शान कभी कम नहीं होने दूँगा।
मैकेनाइजेशन और टेक्नोलॉजी से आदर्श मॉडल बनेगा बुधनी:
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, आज का यह कार्यक्रम कोई कर्मकांड नहीं है कि कोई नेता आया, भाषण दिया और चला गया। यह केवल एक प्रदर्शनी भी नहीं है, आज भारत का कृषि मंत्री कह रहा है कि, यह नई कृषि क्रांति का शंखनाद है। यह उत्सव है उस पसीने का जो खेतों में मोती बनकर निखरता है। यह उत्सव है उस संकल्प का जो सूखी धरती का सीना चीरकर हरियाली की चादर बिछाता है। उन्होंने कहा कि, यहाँ जो प्रदर्शनी लगी है, वह वास्तव में कृषि के विकास के लिए तकनीक से समृद्धि की यात्रा को दर्शाती है। आप इसमें एक नहीं, अनेक प्रदर्शन देखेंगे। कई नए प्रयोग भी देखने को मिलेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, बुधनी की पवित्र धरती को कृषि क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करना है। मैं किसानों की आय बढ़ाने के लिए मशीनीकरण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से बुधनी को एक मॉडल और आदर्श बनाना चाहता हूँ।
खेती में मैकेनाइजेशन और टेक्नोलॉजी जरूरी : केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यह भारत है जिसने दुनिया को सबसे पहले खेती करना सिखाया। हम किसान हैं, अन्नदाता हैं, अन्नदाता मतलब जीवनदाता और जीवनदाता अगर भगवान नहीं तो भगवान से कम भी नहीं होता। किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री ने मुझे कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय का काम सौंपा है, इसलिए मेरी कोशिश है कि दिन और रात पूरी मेहनत से उस काम में जुटा रहूँ। हमारी कोशिश है कि हम कैसे किसानों की आमदनी बढ़ा पाएँ, खेती को लाभकारी बनाएँ और गाँवों को समृद्ध बनाएँ। केवल पारंपरिक खेती से किसानों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी संभव नहीं है। इसके लिए खेती में आधुनिक तकनीक और मशीनों का उपयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि, अगर किसानों की आय बढ़ाना है तो खेती में नई तकनीक और मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ट्रैक्टर ट्रेनिंग सेंटर TTC संस्थान ने लगभग सत्तर वर्षों की यात्रा पूरी की है और यहाँ ट्रैक्टरों की टेस्टिंग से लेकर नई तकनीकों का परीक्षण किया गया है। पहले यहाँ ट्रैक्टरों की टेस्टिंग होती थी और हाल ही में इलेक्ट्रिक आधारित ट्रैक्टर की भी यहाँ जांच की गई है। अब यह केंद्र केवल ट्रैक्टर ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश में कृषि मशीनों के प्रयोग, प्रदर्शन और किसानों को प्रशिक्षण देने का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
बुधनी में खुलेगा कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आधुनिक तकनीक अब तेजी से भारतीय खेती का हिस्सा बन रही है और बुधनी इस बदलाव का केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि, आप यहाँ रोबोट को खेती करते हुए देखेंगे, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर देखेंगे। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों का भी प्रदर्शन होगा। यह खेती को बदलने का हमारा एक विनम्र प्रयास है। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा करते हुए कहा कि, अब यह ‘उदय एक्सपो’ हर साल बुधनी में लगेगा और अगली बार इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करेंगे। इसकी तारीख तीन महीने पहले तय की जाएगी, ताकि देशभर के किसान और विशेषज्ञ इसमें शामिल हो सकें। वहीं केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, बुधनी में रोबोटिक्स पर आधारित एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी स्थापित किया जाएगा, जहाँ यह शोध और प्रशिक्षण दिया जाएगा कि खेती में रोबोटिक्स का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी हो रहा है और इसके साथ ही यहाँ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की दिशा में भी काम किया जाएगा। कृषि इंजीनियरिंग से जुड़े प्रयोग और अनुसंधान भी इसी क्षेत्र में किए जाएंगे। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि, अच्छे बीज के लिए इसी बुधनी में अब नेशनल सीड कारपोरेशन के माध्यम से एक बीज प्रोसेसिंग का सेंटर बनाया जाएगा। जो नए-नए बीज तैयार करेगा और यहां से किसानों को सप्लाई करने का काम करेगा।
कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था : केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, बहनों के बिना खेती हो नहीं सकती। इसलिए इस वर्ष हम लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और अन्य योजनाओं के माध्यम से बहनों की भागीदारी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। छोटे किसानों के लिए बड़ी मशीनें खरीदना संभव नहीं होता, इसलिए कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से उन्हें किराए पर मशीनें उपलब्ध कराई जाएँगी, ताकि सभी किसानों को मशीनीकरण का लाभ मिल सके। शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि यदि कोई पंचायत अपने क्षेत्र में कृषि मशीनों का केंद्र बनाकर किसानों को किराए पर मशीनें उपलब्ध कराएगी, तो सरकार उस पंचायत को भी विकसित करने में सहयोग करेगी। इससे सामूहिक रूप से किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि, आज प्लांटर जैसी मशीनें आ गई हैं, जिनसे पौधे लगाने के लिए हाथ से मेहनत नहीं करनी पड़ती। अब तो रोबोटिक्स का भी दौर आ गया है, जहाँ मशीनें इंसानों की तरह काम करने लगी हैं। बदलते समय में मजदूरों की उपलब्धता कम होने के कारण खेती में मशीनों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक मशीनों से जोड़ने और कृषि को अधिक सुविधाजनक व लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।