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पंजाब में ठंड से ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में हो रही है वृद्धि

हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य विषेषज्ञ *डॉ नरेश पुरोहित (सलाहकार राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम), द्वारा कड़ाके की ठंड का ब्रेन पर होते असर के बारे में एक विशेष लेख

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नई दिल्ली : भारतीय तंत्रिका विज्ञान अकादमी के कार्यकारी सदस्य डॉ नरेश पुरोहित ने खुलासा करते हुए बताया है कि
पंजाब में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) के मामलों मे वृद्धि हो रही है।
जाने माने तत्रिका रोग शाेधार्थी डॉ पुरोहित ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख शहरो के शासकीय अस्पतालों के न्यूरोलॉजी विभाग, आईसीयू और इमरजेंसी में मरीजों की संख्या प्री-विंटर (सर्दियों से पहले) की तुलना में काफी बढ़ गई है।
उनके अनुसार, सर्दी और ब्रेन स्ट्रोक के बीच सीधा संबंध है । डॉ. पुरोहित ने बताया कि अचानक तापमान गिरने से नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप तेजी से बढ़ता है। ज्यादा ठंड के कारण खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे दिमाग तक खून पहुंचने में दिक्कत एवं बाधा आती है।

उन्होने चिंता जताई कि अब 25 से 45 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जबकि पहले यह केवल 45 से अधिक उम्र वालों में देखा जाता था। प्रसिद्ध चिकित्सक बताते हैं कि सर्दियों में ‘इंट्रासेरेब्रल हैमरेज’  (दिमागी ब्लीडिंग) के मामले 30% तक बढ़ जाते हैं, जिसका मुख्य कारण अनियंत्रित उच्च रक्तचाप है।

उन्होंने गोल्डन ऑवर को रेखांकित करते हुए उसके महत्व को बताया । उन्होने कहा कि स्ट्रोक के लक्षण दिखने के शुरुआती 3 से 6 घंटे बेहद जरूरी होते हैं। अगर इस दौरान मरीज को इलाज मिल जाए, तो लकवा या स्थायी विकलांगता से बचा जा सकता है. ठंड में रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए हाइपरटेंशन के मरीज अपनी दवाएं समय पर लें और लापरवाही न बरतें। हाई कोलेस्ट्रॉल और अस्वास्थ्यकर खान-पान से बचें। खुद को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें और अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।


*डॉ नरेश पुरोहित- एमडी, डीएनबी , डीआई एच , एमएचए, एमआरसीपी (यूके) एक महामारी रोग विशेषज्ञ हैं। वे भारत के राष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार हैं। मध्य प्रदेश एवं दूसरे प्रदेशों की सरकारी संस्थाओं में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम , राष्ट्रीय पर्यावरण एवं वायु प्रदूषण के संस्थान के सलाहकार हैं। एसोसिएशन ऑफ किडनी केयर स्ट्डीज एवं हॉस्पिटल प्रबंधन एसोसिएशन के भी सलाहकार हैं।

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