केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस में एआई और मशीन लर्निंग पर चर्चा करेंगे - News On Radar India
News around you

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस में एआई और मशीन लर्निंग पर चर्चा करेंगे

प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के उपायों पर भी चर्चा होगी

1

https://x.com/i/status/2041374897633386804

नई दिल्ली/जयपुर : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर में पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन से पहले अपने  twitter/X-हैंडल पर संदेश दिया:

आज कृषि की रीजनल कॉन्फ्रेंस प्रारंभ हो रही है। इस कॉन्फ्रेंस में हम कृषि के विविधीकरण, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक जैसे एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा करेंगे। गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फसलों और पद्धतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए आगे की रणनीति भी बनाई जाएगी।”

जयपुर, राजस्थान में पश्चिमी राज्यों के लिए क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन देश में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता, सतत कृषि पद्धतियों के विस्तार तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के समावेशन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उदघाटन एवं  सम्मेलन  में राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, एवं कृषि क्षेत्र से संबंधित विशेषज्ञ शामिल हुए।

भारत सरकार द्वारा उत्पादन वृद्धि, मूल्य श्रृंखला विकास, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न प्रमुख कृषि मिशनों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त सम्मेलन इन मिशनों की प्रगति की समीक्षा, राज्यों के मध्य अनुभवों के आदान-प्रदान तथा भावी कार्यनीतियों के निर्धारण हेतु एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।

सम्मेलन में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात एवं गोवा राज्यों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। ये राज्य दलहन एवं तिलहन उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान के साथ विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे नवाचार एवं सर्वोत्तम पद्धतियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के अंतर्गत रसायन मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी। मिशन के तहत क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने तथा जैव-इनपुट के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया जा रहा है।

डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम) के अंतर्गत एग्री-स्टैक, डिजिटल किसान डेटाबेस, भूमि अभिलेखों का एकीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रिमोट सेंसिंग तकनीकों के उपयोग के माध्यम से कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। इसमें राजस्थान द्वारा माइक्रो इरिगेशन मॉडल, गुजरात द्वारा बागवानी क्षेत्र में नवाचार, महाराष्ट्र द्वारा एग्री-स्टैक के उपयोग, मध्य प्रदेश द्वारा उर्वरक वितरण प्रणाली में सुधार तथा गोवा द्वारा प्राकृतिक खेती से संबंधित पहलें शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, नकली कीटनाशकों एवं उर्वरकों पर नियंत्रण, उर्वरकों की कालाबाजारी की रोकथाम, संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने तथा वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्षों से अवगत कराया जाएगा। समापन सत्र में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा चर्चाओं का सार प्रस्तुत किया जाएगा तथा विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किए जाएंगे।

यह सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र में कृषि मिशनों की प्रगति की व्यापक समीक्षा, राज्यों के मध्य सर्वोत्तम पद्धतियों के आदान-प्रदान तथा तिलहन, दलहन, प्राकृतिक खेती एवं डिजिटल कृषि के क्षेत्रों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। सम्मेलन के माध्यम से बीज प्रणाली, बाजार संबंधों एवं मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि हेतु क्रियान्वयन योग्य रणनीतियों का विकास अपेक्षित है। यह क्षेत्रीय सम्मेलन भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ एवं प्रौद्योगिकी आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Join WhatsApp Group